आगामी BRICS समिट से पहले FSSAI ने लक्जरी होटलों में स्वच्छता जांच तेज कर दी है। Juniper Hotels ने हालिया फूड सेफ्टी दावों पर एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए अपनी स्थिति साफ की है।
रेगुलेटर की सख्ती का कारण
आगामी BRICS समिट को देखते हुए, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने लक्जरी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अथॉरिटी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली के बड़े होटल्स स्वच्छता के कड़े मानकों का पूरी तरह पालन करें।
क्या हैं आरोप?
हाल ही में JW Marriott और Andaz Delhi जैसी प्रीमियम संपत्तियों में जांच के दौरान स्वच्छता संबंधी चिंताएं सामने आई थीं। इसमें एक्सपायर्ड फूड, पेस्ट कंट्रोल और कोल्ड चेन मैनेजमेंट से जुड़ी खामियां रिपोर्ट की गई थीं। बता दें कि यह केवल एक मामला नहीं है; FSSAI देश भर में एक बड़ा अभियान चला रहा है, जिसके तहत अब तक 150 से ज्यादा नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
Juniper Hotels का पक्ष
विवादों के बीच, Juniper Hotels ने 28 अगस्त, 2026 को शेयर बाजार को स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने गंभीर उल्लंघन के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह जून 2026 में हुई एक रूटीन जांच थी। कंपनी ने पुष्टि की है कि उसने रेगुलेटर को 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' जमा कर दी है और वे पूरी तरह से सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए सबक
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में इस तरह की सख्त निगरानी से भविष्य में 'कंप्लायंस कॉस्ट' यानी अनुपालन खर्च बढ़ने की संभावना है। इससे पहले इंदौर में Sayaji Hotels का लाइसेंस भी अस्थायी रूप से सस्पेंड हुआ था, जिस पर बाद में हाई कोर्ट ने स्टे दिया था। निवेशकों को अब इस पर नजर रखनी चाहिए कि क्या यह रेगुलेटरी दबाव कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर असर डालेगा या किचन अपग्रेड के लिए अतिरिक्त कैपिटल खर्च करना पड़ेगा।
