FIIs की बिकवाली! इंडेक्स फ्यूचर में पोजीशन 50% घटाई, Nifty मेटल इंडेक्स सपोर्ट पर

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AuthorNeha Patil|Published at:
FIIs की बिकवाली! इंडेक्स फ्यूचर में पोजीशन 50% घटाई, Nifty मेटल इंडेक्स सपोर्ट पर

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार में अपनी तेजी की पोजीशन में बड़ी कटौती की है। उन्होंने इंडेक्स फ्यूचर में अपनी लॉन्ग पोजीशन **50%** से ज्यादा घटाकर **29,772** कॉन्ट्रैक्ट्स कर दी है। हालांकि Nifty 50 में अभी भी तेजी बनी हुई है, लेकिन यह कदम मुनाफावसूली (Profit-taking) का संकेत दे रहा है। बाजार की नजरें अब Nifty मेटल इंडेक्स पर हैं, जो **12,250** के अहम सपोर्ट लेवल को टेस्ट कर रहा है। वहीं, एनर्जी सेक्टर में कमजोरी जारी है।

FIIs ने घटाई पोजीशन, मुनाफावसूली के संकेत

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी बुलिश पोजीशन में भारी कटौती की है। पिछले हफ्ते उन्होंने इंडेक्स फ्यूचर में अपनी लॉन्ग पोजीशन 50% से भी ज्यादा कम कर दी। पहले जहां ये पोजीशन 60,000 कॉन्ट्रैक्ट्स से ऊपर थीं, वहीं अब घटकर 29,772 रह गई हैं।

यह गिरावट तब हुई है जब Nifty 50 इंडेक्स में तेजी का रुझान बना हुआ है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ये बड़े निवेशक शॉर्ट-टर्म का मुनाफा बुक कर रहे हैं, न कि बाजार के लॉन्ग-टर्म ट्रेंड में कोई बड़ा बदलाव आ रहा है। इस कटौती के बाद, इंडेक्स फ्यूचर्स के लिए FIIs का लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो 9.6 पर आ गया है।

एनर्जी और PSU बैंक इंडेक्स में कमजोरी

बाजार का ज्यादातर हिस्सा मजबूती दिखा रहा है, लेकिन एनर्जी और PSU बैंक इंडेक्स अपने 10-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि इन सेक्टर्स में बाकी बाजार के मुकाबले ज्यादा बिकवाली का दबाव है।

मेटल सेक्टर: सपोर्ट पर नजरें

Nifty मेटल इंडेक्स ट्रेडर्स के लिए फोकस का केंद्र बन गया है। यह इंडेक्स 12,250 के करीब एक अहम टेक्निकल लेवल, यानी 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट (Fibonacci retracement) के पास पहुंच गया है। यह लेवल ऐतिहासिक रूप से इंडेक्स के लिए सपोर्ट का काम करता आया है।

वीकली चार्ट पर एक डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न (Doji candlestick pattern) दिखा है, जो निवेशकों के बीच अनिश्चितता का संकेत देता है और कभी-कभी ट्रेंड में बदलाव से पहले बनता है। इसके अलावा, MACD जैसे टेक्निकल इंडिकेटर्स में मंदी का जोर कम होता दिख रहा है, जो रिकवरी की संभावना बढ़ा सकता है।

डेरिवेटिव्स डेटा से भी इस संभावित उछाल को कुछ समर्थन मिल रहा है। आउट-ऑफ-द-मनी कॉल और पुट स्ट्राइक्स पर एक्टिविटी बढ़ी है, जो अक्सर ट्रेडर सेंटिमेंट में बदलाव का संकेत देती है। अगर 12,250 का सपोर्ट लेवल बना रहता है, तो बाजार विश्लेषक 12,900 से 13,000 के जोन की ओर बाउंस की उम्मीद कर सकते हैं।

एनर्जी सेक्टर: बिकवाली का दबाव जारी

इसके विपरीत, Nifty एनर्जी इंडेक्स लगातार कमजोरी दिखा रहा है। इंडेक्स हाल ही में एक अहम मल्टी-वीक सपोर्ट लेवल से नीचे गिरा है। वीकली चार्ट पर एक बियरिश MACD क्रॉसओवर (bearish MACD crossover) दिखा है, जो बताता है कि फिलहाल बिकवाल हावी हैं।

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 40 पर आ गया है, जो संकेत देता है कि सेक्टर अभी ओवरसोल्ड (oversold) नहीं है, लेकिन तेजी की ताकत कम हो गई है। निवेशकों को 39,080 के लेवल पर नजर रखनी चाहिए, जो फिलहाल सुपरट्रेंड सपोर्ट (Supertrend support) का काम कर रहा है।

अगर इंडेक्स 39,080 के नीचे मजबूती से गिरता है, तो यह 38,500 के स्तर तक और नीचे जा सकता है। एनर्जी सेक्टर में स्थायी रिकवरी के लिए इंडेक्स को अपने हालिया ब्रेकडाउन एरिया को फिर से हासिल करना होगा, जो आने वाले सत्रों में देखने लायक होगा।

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