पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री Indranil Sen को Enforcement Directorate ने **₹60 करोड़** के वित्तीय फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। मामला 'MassArt Society' से जुड़ा है, जिस पर UNESCO के नाम का गलत इस्तेमाल कर दुर्गा पूजा पास बेचने का आरोप है।
बुधवार को Enforcement Directorate ने लंबी पूछताछ के बाद पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री Indranil Sen को हिरासत में ले लिया है। यह गिरफ्तारी 'MassArt Society' से जुड़े फाइनेंशियल इरेगुलरिटीज की जांच का हिस्सा है, जिसमें घोटाले की रकम ₹50 करोड़ से ₹60 करोड़ के बीच बताई जा रही है।
क्या है मामला?
जांच का मुख्य केंद्र 2022 से 2025 के बीच दुर्गा पूजा प्रीव्यू इवेंट्स के लिए बेचे गए प्रीमियम पास हैं। आरोप है कि यह सोसाइटी, जो कथित तौर पर इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुछंदा सेन से जुड़ी है, ने UNESCO का आधिकारिक समर्थन होने का दावा करके लोगों को पास बेचे। शिकायतकर्ता जयदीप मुखर्जी के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय संस्था के साथ ऐसा कोई एग्रीमेंट नहीं था, और आरोप है कि जनता से जुटाया गया पैसा निजी स्वार्थ के लिए डायवर्ट किया गया।
पुलिस और अदालती कार्रवाई
यह विवाद तब शुरू हुआ जब 2021 में UNESCO ने दुर्गा पूजा को 'इंटेन्जिबल कल्चरल हेरिटेज' का दर्जा दिया। कोलकाता पुलिस ने जून में भारतीय न्याय संहिता के तहत FIR दर्ज की थी, जिसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और फंड्स के गलत इस्तेमाल की जांच शुरू की। सेन ने कलकत्ता हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत की कोशिश की थी, लेकिन राहत न मिलने पर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचा था।
निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स के लिए सबक
यह मामला इवेंट-आधारित बिजनेस और नॉन-प्रॉफिट संस्थाओं में गवर्नेंस की अहमियत को दर्शाता है। अब रेगुलेटरी एजेंसियां ऐसी संस्थाओं के फाइनेंशियल ऑपरेशंस पर कड़ी नजर रख रही हैं। यह घटना बताती है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड एसोसिएशन के नाम पर किए जाने वाले दावों की जांच करना कितना जरूरी है, क्योंकि इसमें चूक होने पर बड़े कानूनी और रेगुलेटरी रिस्क सामने आते हैं।
