Encalm Hospitality: एयरपोर्ट लाउंज से आगे बढ़कर कंपनी का बड़ा दांव, ₹5,000 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Encalm Hospitality: एयरपोर्ट लाउंज से आगे बढ़कर कंपनी का बड़ा दांव, ₹5,000 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य

Encalm Hospitality अब अपनी निर्भरता एयरपोर्ट लाउंज से कम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले पांच सालों में ₹5,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है, जिसके लिए वह होटल, हाईवे मोटल और एयरलाइन कैटरिंग जैसे नए क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही है।

गुरुग्राम स्थित Encalm Hospitality अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करने जा रही है। वर्तमान में एक प्राइवेट एंटिटी के रूप में काम कर रही यह कंपनी आने वाले 5 सालों में ₹5,000 करोड़ के रेवेन्यू का आंकड़ा छूना चाहती है। अभी कंपनी की 90% कमाई का जरिया एयरपोर्ट लाउंज है, जिसे कंपनी अब डाइवर्सिफाई करने की योजना बना रही है।

एयरपोर्ट निर्भरता कम करने की चुनौती

एयरपोर्ट हॉस्पिटैलिटी पर हद से ज्यादा निर्भरता कंपनी के लिए जोखिम भरी हो सकती है, क्योंकि यह पूरी तरह GMR जैसे एयरपोर्ट ऑपरेटर्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल पर निर्भर है। साथ ही, अब कई एयरपोर्ट ऑपरेटर्स अपने लाउंज खुद चला रहे हैं और बैंकों ने भी फ्री एक्सेस के नियमों को सख्त कर दिया है। इन बदलावों के बीच कंपनी के लिए बिजनेस का विस्तार करना अब मजबूरी और जरूरत दोनों बन गया है।

होटल और कैटरिंग में आक्रामक विस्तार

अपनी आय के स्रोतों को मजबूत करने के लिए कंपनी तीन मुख्य क्षेत्रों में निवेश कर रही है:

  • लक्जरी होटल्स: कंपनी दिल्ली और चेन्नई में प्रॉपर्टी बना रही है। यहाँ Encalm संपत्ति की मालिक होगी, लेकिन होटल के मैनेजमेंट के लिए Radisson Blu या Taj Vivanta जैसे बड़े नामों के साथ पार्टनरशिप करेगी।
  • हाईवे मोटल: अपने ब्रांड 'Round D Clock' के तहत कंपनी का लक्ष्य नेशनल हाईवे पर 100 मोटल्स का नेटवर्क तैयार करना है।
  • एयरलाइन कैटरिंग: 'SkyPlates' ब्रांड के जरिए कंपनी ने दिल्ली, हैदराबाद और भोगपुरम में अपनी किचन क्षमता बढ़ाई है। यहाँ रोजाना 67,500 से ज्यादा मील तैयार की जा रही है, जो इसे सीधे TajSATS और Oberoi Flight Services जैसी कंपनियों से मुकाबले में खड़ा करती है।

क्या है रिस्क?

यह विस्तार जितना बड़ा है, चुनौतियां भी उतनी ही हैं। होटल बनाने और कैटरिंग फैसिलिटी संभालने के लिए भारी कैपिटल इन्वेस्टमेंट और ऑपरेशनल एक्सपर्टाइज की जरूरत है। साथ ही, कैटरिंग बिजनेस में एयरलाइंस के साथ कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना और हाईवे पर क्वालिटी बनाए रखना कंपनी के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी। आने वाले समय में कंपनी इस विस्तार को कितनी मजबूती से संभालती है, उसी पर इसकी सफलता टिकी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.