Election Commission of India (ECI) ने 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक स्पेशल एनरोलमेंट ड्राइव शुरू करने का निर्देश दिया है। हालिया 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के दौरान लिस्ट से हटाए गए मतदाताओं को फिर से जोड़ने के लिए Booth Level Officers घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
वोटर लिस्ट में सुधार की कवायद
Election Commission of India (ECI) ने स्पष्ट किया है कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया के बाद जो त्रुटियां सामने आई हैं, उन्हें दूर करना प्राथमिकता है। कमीशन ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उन नागरिकों को फिर से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करें, जिनके नाम गलती से मतदाता सूची से हटा दिए गए थे।
प्रक्रिया में बड़े बदलाव
सटीकता सुनिश्चित करने के लिए, ECI ने बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए हैं। इन अधिकारियों को पुरानी और नई वोटर लिस्ट का मिलान करना होगा। साथ ही, सुधार के तौर पर ECI ने ऑनलाइन 'Form 6' से SIR-लिंक्ड डिक्लेरेशन की अनिवार्यता को हटा दिया है। अब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 'Registration of Electors Rules, 1960' के तहत तय स्टैंडर्ड फॉर्मेट में ही होगी। यह कदम देश भर में करीब 13 करोड़ नामों के हटने पर मचे विवाद के बाद उठाया गया है।
विवादों के बीच प्रशासनिक कदम
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब Election Commission के भीतर ही कार्यप्रणाली को लेकर मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। विपक्षी दलों ने भी लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाने को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे। अब 30 दिनों तक चलने वाले इस वेरिफिकेशन ड्राइव पर सबकी नजरें टिकी हैं कि क्या यह आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची की विसंगतियों को पूरी तरह दूर कर पाएगा या नहीं।
