Election Commission पर उठे सवाल: गोवा में 97 वोटर्स के नाम कटे, सिस्टम पर मचा बवाल

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AuthorMehul Desai|Published at:
Election Commission पर उठे सवाल: गोवा में 97 वोटर्स के नाम कटे, सिस्टम पर मचा बवाल

गोवा में फाइनल वोटर लिस्ट से **97** वैध वोटर्स के नाम अचानक गायब होने से हड़कंप मच गया है। विपक्ष का आरोप है कि केंद्रीयकृत 'ECINet' सिस्टम की वजह से स्थानीय अधिकारियों के हाथ बंधे थे और वे इन गलतियों को सुधार नहीं पाए।

सेंट्रलाइज्ड सिस्टम बनाम स्थानीय अधिकार

पूरा विवाद चुनाव आयोग के सेंट्रलाइज्ड IT प्लेटफॉर्म ECINet को लेकर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय 'इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स' ने पहले इन 97 वोटर्स को वेरीफाई किया था। लेकिन, जब डेटा को सेंट्रलाइज्ड सिस्टम में डाला गया, तो स्थानीय अधिकारियों के पास इन गलतियों को सुधारने का एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकार ही नहीं बचा। गोवा के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर संजय गोयल ने भी आईटी डिवीजन को कई बार रिक्वेस्ट भेजी थी, लेकिन डेडलाइन तक सुधार की अनुमति नहीं मिल सकी।

गवर्नेंस पर बड़े सवाल

यह घटना सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली पर बड़ी बहस बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तकनीक ग्राउंड लेवल के अफसरों के फैसले पर हावी हो जाती है, तो सिस्टम में बड़ी गलतियां होने का खतरा बढ़ जाता है। सेंट्रलाइजेशन का उद्देश्य पारदर्शिता लाना था, लेकिन यहां यही सिस्टम सुधार की राह में 'अड़चन' बन गया।

राजनीतिक दबाव और इस्तीफे की मांग

कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। जयराम रमेश और शशि थरूर जैसे बड़े नेताओं ने इसे व्यवस्थित तरीके से मतदाताओं को बाहर करने (disenfranchisement) का मामला बताया है। विपक्षी नेताओं ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की है। अब सबकी नजर इस पर है कि क्या चुनाव आयोग अपने ECINet सिस्टम का ऑडिट कराएगा या भविष्य के लिए नियमों में कोई बड़ा बदलाव करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.