Election Commission: अंदरूनी कलह की खबरों पर लगा पूर्ण विराम, चुनाव आयोग ने दी सफाई

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Election Commission: अंदरूनी कलह की खबरों पर लगा पूर्ण विराम, चुनाव आयोग ने दी सफाई

Election Commission of India (ECI) ने अपने भीतर किसी भी तरह के मतभेद की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग ने साफ किया है कि **2025** की इलेक्टोरल रोल रिवीजन प्रक्रिया पूरी तरह से सर्वसम्मत है और इसे सुप्रीम कोर्ट का भी समर्थन प्राप्त है।

स्पष्टीकरण और हकीकत

चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग ने 26 सितंबर, 2026 को जारी आधिकारिक बयान में नेतृत्व में किसी भी तरह की दरार की संभावनाओं को खत्म कर दिया है। पिछले कुछ समय से आईटी डिवीजन और चुनावी प्रबंधन को लेकर जो अटकलें चल रही थीं, आयोग ने उन पर पूरी पारदर्शिता के साथ विराम लगा दिया है।

क्या है 2025 का मुख्य आदेश?

आयोग ने 24 जून, 2025 को जारी उस आदेश को फिर से दोहराया है, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इलेक्टोरल रोल के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' का निर्देश दिया गया था। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ मिलकर लिए गए इस फैसले को पूरी तरह एकमत बताया गया है।

निवेशकों और बाजार के लिए क्यों है जरूरी?

किसी भी संवैधानिक संस्था की स्थिरता देश के आर्थिक और निवेश वातावरण के लिए बहुत मायने रखती है। आयोग के मुताबिक, कैबिनेट सेक्रेटरी के साथ हुआ हालिया पत्राचार केवल एक अधिकारी के कार्यकाल और प्रदर्शन से संबंधित था, जिसे नीतिगत मतभेद के रूप में गलत समझा गया।

निर्वाचन सदन में हुई बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आयोग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक स्वायत्तता पूरी तरह सुरक्षित है। भविष्य के सभी चुनावी लक्ष्य बिना किसी रुकावट के तय समय पर पूरे किए जाएंगे, जिससे नीतिगत ढांचे में किसी भी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.