Sri Lanka Water Crisis: एल नीनो का कहर! **1.15 लाख** से ज्यादा लोग प्यासे, खेती पर मंडराया बड़ा खतरा

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Sri Lanka Water Crisis: एल नीनो का कहर! **1.15 लाख** से ज्यादा लोग प्यासे, खेती पर मंडराया बड़ा खतरा

एल नीनो (El Niño) के असर से श्रीलंका भीषण सूखे की चपेट में है। सात जिलों में **1.15 लाख** से ज्यादा लोग पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं, जिससे देश की फूड सिक्योरिटी और रूरल इकोनॉमी पर गंभीर संकट पैदा हो गया है।

श्रीलंका में एल नीनो (El Niño) के खतरनाक असर ने हालात बिगाड़ दिए हैं। मोनेरागला, बाट्टिकालोआ और बडुल्ला जैसे जिलों में स्थिति सबसे खराब है, जहाँ पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।

आपदा प्रबंधन और राहत कार्य

डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर (Disaster Management Centre) अभी इमरजेंसी राहत कार्यों में जुटा है, ताकि प्रभावित इलाकों में पानी पहुंचाया जा सके। हालांकि, मौसम विभाग के अनुमानों ने चिंता बढ़ा दी है। आने वाले महीनों में भी बारिश की उम्मीद कम है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि उत्पादन पर भारी दबाव बढ़ सकता है।

खेती और फूड सिक्योरिटी पर असर

देश की इकोनॉमी के लिए सबसे बड़ी चिंता खेती को हो रहा नुकसान है। धान, नारियल और अन्य फलों की फसलों को पानी न मिलने से फसल बर्बाद होने का खतरा है। इसका सीधा असर फूड इंफ्लेशन (Food Inflation) के रूप में देखने को मिल सकता है।

इतना ही नहीं, एरुआवा (Eruwewa) जैसे जलाशयों में पानी का स्तर अपने सामान्य स्तर से काफी नीचे चला गया है। सिंचाई के लिए पानी की कमी और खारे पानी के घुसपैठ ने स्थानीय जैव-विविधता और किसानों की आजीविका को संकट में डाल दिया है।

आगे का रास्ता

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 2026 के अंत तक बारिश की थोड़ी उम्मीद है, लेकिन 2027 की शुरुआत में एक और सूखे का चक्र आने की आशंका ने सरकार और किसानों की नींद उड़ा दी है। आर्थिक जानकारों की नजर अब इस पर है कि सरकार पानी के प्रबंधन के लिए क्या कदम उठाती है और क्या आने वाले सीजन की बुवाई समय पर हो पाएगी या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.