Eicher Motors की धूम, भारतीय कंपनियों के Q4 नतीजों में दिखा दम

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Eicher Motors की धूम, भारतीय कंपनियों के Q4 नतीजों में दिखा दम
Overview

22 मई को 190 से ज़्यादा भारतीय कंपनियों ने अपने Q4 FY26 के नतीजे पेश किए, जिनमें Eicher Motors, Hindalco और Sun Pharma जैसी दिग्गज शामिल थीं। Eicher Motors ने मुनाफे और रेवेन्यू में ज़बरदस्त ग्रोथ दर्ज की, जबकि Hindalco के रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद मुनाफे में गिरावट आई। Sun Pharma ने कड़े मुकाबले के बावजूद अपनी मजबूत पोजीशन बनाए रखी। NTPC Green Energy के हाई P/E रेश्यो से फ्यूचर ग्रोथ की उम्मीदें साफ़ झलकती हैं।

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Eicher Motors के Q4 नतीजे शानदार

Eicher Motors ने Q4 FY26 में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21% बढ़कर ₹1,420 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹6,114 करोड़ रहा। इस शानदार परफॉरमेंस का मुख्य श्रेय टू-व्हीलर सेगमेंट, खासकर Royal Enfield की ज़बरदस्त डिमांड को जाता है। कंपनी का P/E रेश्यो लगभग 37.63 है, जो इंडस्ट्री एवरेज से ऊपर है और इसकी मजबूत ग्रोथ और प्रीमियम वैल्यूएशन को दर्शाता है। 20 मई 2026 तक Eicher Motors का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन करीब ₹1.89 ट्रिलियन था।

Hindalco का रेवेन्यू बढ़ा, पर प्रॉफिट घटा

Hindalco Industries के Q3 FY26 में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 45% की गिरावट आई और यह ₹2,049 करोड़ रहा, भले ही ऑपरेशनल रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹66,521 करोड़ हो गया। Q4 FY26 के नतीजों में, जो 22 मई को जारी हुए, रेवेन्यू में 16% की बढ़ोतरी (
₹64,890 करोड़) और नेट प्रॉफिट में 66.4% की बढ़ोतरी (
₹5,283 करोड़) की उम्मीद है। मुनाफे में यह उछाल सब्सिडियरी Novelis की वजह से भी है, हालांकि Novelis को Oswego प्लांट में आग लगने से $84 मिलियन का नेट लॉस हुआ। इस आग ने Novelis के उत्तरी अमेरिकी ऑपरेशन्स और एडजस्टेड EBITDA को प्रभावित किया, लेकिन एल्यूमीनियम की ऊंची कीमतों और यूरोपीय परफॉरमेंस से कुछ राहत मिली। Hindalco का P/E रेश्यो लगभग 14.71 है, जो नॉन-फेरस मेटल इंडस्ट्री के एवरेज 13.39 से थोड़ा ज़्यादा है। 20 मई 2026 तक इसका मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग ₹2.44 ट्रिलियन था।

Sun Pharma का कड़े मुकाबले में जलवा

भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी, Sun Pharmaceutical Industries, ग्लोबल मार्केट में कड़े मुकाबले का सामना कर रही है। हालांकि Q4 FY26 के सटीक नतीजे नहीं बताए गए, लेकिन कंपनी का P/E रेश्यो लगभग 41.01 है, जो फार्मास्यूटिकल्स & बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के एवरेज 34.62 से ज़्यादा है, और यह मजबूत ग्रोथ की उम्मीदों को दिखाता है। Sun Pharma को Teva और Novartis जैसे ग्लोबल प्लेयर्स और Cipla व Dr. Reddy's Laboratories जैसे घरेलू प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर मिलती है। कंपनी जेनेरिक्स, ब्रांडेड जेनेरिक्स और स्पेशियलिटी फार्मास्यूटिकल्स की एक विस्तृत रेंज ऑफर करती है, जिसमें डर्मेटोलॉजी और ऑप्थल्मोलॉजी पर खास फोकस है। 20 मई 2026 तक Sun Pharma का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन करीब ₹4.51 ट्रिलियन था।

NTPC Green Energy से हाई ग्रोथ की उम्मीदें

NTPC Green Energy का नेट प्रॉफिट अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बढ़ती लागत के चलते 74% घटकर ₹17.32 करोड़ रह गया, भले ही टोटल इनकम बढ़ी हो। कंपनी का P/E रेश्यो काफी ज़्यादा है, TTM (Trailing Twelve Months) फिगर्स लगभग 163.60 और फॉरवर्ड P/E लगभग 71.01 हैं। यह ऊंचा वैल्यूएशन फ्यूचर एक्सपैंशन के लिए मजबूत इन्वेस्टर उम्मीदों को दर्शाता है, जो तेज़ी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में आम है। 20 मई 2026 तक NTPC Green Energy का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग ₹89,235 करोड़ था।

मिक्स्ड सेक्टर परफॉरमेंस और इन्वेस्टर फोकस

Q4 के नतीजों से अलग-अलग सेक्टर की परफॉरमेंस का पता चलता है। Eicher Motors ऑटोमोटिव सेक्टर में मजबूती दिखाती है, जबकि Hindalco मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में ऑपरेशनल चुनौतियों और कमोडिटी प्राइस में उतार-चढ़ाव से जूझ रही है। फार्मा सेक्टर, Sun Pharma के साथ, बेहद कॉम्पिटिटिव बना हुआ है। NTPC Green Energy हाई-ग्रोथ, हाई-इन्वेस्टमेंट वाले रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर का प्रतिनिधित्व करती है। निवेशक इकोनॉमिक सेंटीमेंट का आकलन करने और निवेश के मौके पहचानने के लिए इन नतीजों पर नज़र रखे हुए हैं। मार्केट सेंटीमेंट फिलहाल सावधानी भरा रवैया अपना रहा है, जिसमें ग्रोथ वाले सेक्टरों और मजबूत ऑपरेशनल एफिशिएंसी व रेजिलिएंस दिखाने वाली कंपनियों को प्राथमिकता दी जा रही है।

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