Edtech कंपनी LEAD Group ने FY26 के लिए अपने ऑपरेटिंग EBITDA में 7 गुना की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹30 करोड़ तक पहुंच गया है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 10% बढ़कर ₹387 करोड़ रहा। कंपनी अब मुनाफे पर ज़्यादा ध्यान दे रही है और भविष्य में संभावित IPO की तैयारी में है।
FY26 में LEAD Group की शानदार वित्तीय प्रगति
LEAD Group ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने ऑपरेटिंग EBITDA में सात गुना का बड़ा उछाल दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹4 करोड़ से बढ़कर ₹30 करोड़ हो गया है। यह एडटेक कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव का संकेत देता है, क्योंकि अब कंपनी विस्तार के साथ-साथ मुनाफे को भी प्राथमिकता दे रही है।
रेवेन्यू में भी 10% की बढ़ोतरी
इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू भी बढ़ा है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹352 करोड़ की तुलना में 10% बढ़कर ₹387 करोड़ रहा। कंपनी के CEO सुमित मेहता ने बताया कि इस प्रगति का मुख्य कारण ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) में सुधार और उनके स्कूल नेटवर्क में छात्रों का बेहतर रिटेंशन रेट (Retention Rate) है।
AI की मदद से प्रोडक्टिविटी में सुधार
इस बदलाव का एक अहम हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का क्लासरूम में इंटीग्रेशन है। कंपनी 'Ms Curie' और 'Fluento' जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल करके टीचर और स्टूडेंट की प्रोडक्टिविटी (Productivity) को बेहतर बना रही है। इन AI-संचालित समाधानों पर ध्यान केंद्रित करके, कंपनी स्कूलों के साथ अपने पार्टनरशिप को मजबूत करना चाहती है और प्रतिस्पर्धी एडटेक मार्केट में अपनी बढ़त बनाए रखना चाहती है।
भविष्य में IPO की संभावनाएं
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि LEAD Group एक प्राइवेट फर्म है और NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है। इसलिए, निवेशकों के लिए कोई लाइव शेयर प्राइस उपलब्ध नहीं है। हालांकि, कंपनी ने पहले FY2028 में संभावित IPO (Initial Public Offering) की योजनाओं का संकेत दिया है। इसी को ध्यान में रखते हुए, मैनेजमेंट भविष्य में पब्लिक मार्केट में डेब्यू करने के लिए लगातार मुनाफे और वित्तीय अनुशासन का प्रदर्शन करने के दबाव में हो सकता है।
एडटेक सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा है, और LEAD Group को आगे बने रहने के लिए टेक्नोलॉजी में निवेश जारी रखना होगा। कंपनी के बिजनेस मॉडल में एक विशिष्ट जोखिम भी जुड़ा है: यह अपने पार्टनर स्कूलों की स्थिरता और विकास पर बहुत अधिक निर्भर करती है। भविष्य का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी बदलते AI मानकों और शिक्षा क्षेत्र के नियमों के बीच ऑपरेशनल लागतों का प्रबंधन करते हुए इन स्कूलों को कैसे जोड़े रख पाती है।
