कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नौकरी बदलने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। अब प्रोविडेंट फंड (PF) का बैलेंस ट्रांसफर करने के लिए मैन्युअल रिक्वेस्ट (Manual Request) की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह प्रोसेस अब ऑटोमेटिक (Automatic) हो जाएगा।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
EPFO ने अपने सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज (CITES) प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए यह नई सुविधा शुरू की है। इसके तहत, जब आप नई कंपनी ज्वाइन करते हैं, तो आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जो आधार से वेरिफाइड (Verified) है, उसे नए एम्प्लॉयमेंट रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। इसके बाद PF खातों का कंसॉलिडेशन (Consolidation) यानी एकीकरण अपने आप शुरू हो जाएगा।
लंबी देरी और कागजी कार्रवाई से छुटकारा
पहले PF ट्रांसफर के लिए कर्मचारियों को ऑनलाइन रिक्वेस्ट डालनी पड़ती थी, जिसका पिछली कंपनी के एम्प्लॉयर (Employer) को डिजिटल अप्रूवल (Digital Approval) देना पड़ता था। इस प्रक्रिया में काफी समय लगता था और कई बार गलतियों की वजह से अकाउंट्स का सही से एकीकरण नहीं हो पाता था। नए ऑटोमेटिक सिस्टम से इन सभी अड़चनों को दूर कर दिया गया है।
आपकी बचत का बेहतर मैनेजमेंट
यह ऑटोमेशन कर्मचारियों को अपने करियर के दौरान कई कंपनियों में काम करने के रिकॉर्ड को आसानी से ट्रैक करने में मदद करेगा। इससे अलग-अलग पीएफ खातों में पड़ी रकम एक ही जगह जमा होती रहेगी और कोई भी खाता 'डॉर्मंट' (Dormant) यानी निष्क्रिय नहीं होगा। आप EPFO के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल (Unified Member Portal) पर जाकर 'सर्विस हिस्ट्री' (Service History) सेक्शन में अपने सारे एम्प्लॉयमेंट आईडी के कंसॉलिडेटेड डिटेल्स (Consolidated Details) देख सकते हैं।
मेंबर्स को क्या ध्यान रखना होगा?
भले ही सिस्टम ऑटोमेटिक हो गया है, लेकिन मेंबर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका UAN आधार से ठीक से लिंक हो और KYC डॉक्यूमेंट्स वेरिफाइड हों। EPFO पोर्टल पर नियमित रूप से लॉग इन करके अपनी सर्विस हिस्ट्री की जांच करते रहें। अगर कोई गड़बड़ी दिखे तो पोर्टल पर मौजूद ग्रीवांस रिड्रेसल मैकेनिज्म (Grievance Redressal Mechanism) का इस्तेमाल करें, ताकि आपकी रिटायरमेंट सेविंग्स (Retirement Savings) का रिकॉर्ड हमेशा सही रहे।
