कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज का भुगतान **35 करोड़** खातों में **15 जुलाई** तक पूरा कर लिया है। यह काम पिछले सालों के मुकाबले काफी तेजी से निपटाया गया है।
सिस्टम माइग्रेशन का कमाल
EPFO ने इस साल ब्याज भुगतान की प्रक्रिया को रिकॉर्ड समय में पूरा करने के लिए अपने सभी 123 क्षेत्रीय डेटाबेस को एक केंद्रीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस में सफलतापूर्वक माइग्रेट किया है। इस 'CITES' (Centralised IT Enabled Services) प्रोजेक्ट के तहत, लगभग 1,700 करोड़ रिकॉर्ड्स, जिनमें 1,400 करोड़ ऐतिहासिक ट्रांजैक्शन शामिल हैं, को नए सिस्टम में लाया गया है। इससे पहले, ब्याज अपडेट में अक्सर सितंबर या नवंबर तक का समय लग जाता था।
डेटा की सटीकता पर जोर
30 जून को डेटाबेस माइग्रेशन पूरा होने के बाद, EPFO ने ब्याज की गणना की। यह सुनिश्चित करने के लिए कि नए सिस्टम में कोई डेटा लॉस न हो, फील्ड ऑफिसर्स ने पुराने और नए सिस्टम के सदस्य लेजर की तुलना करके बैलेंस का मिलान किया। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि EPFO लगभग ₹32 लाख करोड़ की भारी संपत्ति का प्रबंधन करता है।
दावों का निपटारा भी तेज
ब्याज भुगतान के साथ-साथ, EPFO अपने अपडेटेड वेब पोर्टल के माध्यम से लंबित दावों को भी तेजी से निपटा रहा है। जून के अंत में संक्षिप्त मेंटेनेंस के बाद पोर्टल के फिर से चालू होने के बाद से, संगठन ने लगभग 11 लाख दावों का निपटारा किया है, जिनकी कुल राशि ₹3,000 करोड़ है। हालांकि EPFO कुल 35 करोड़ खातों का प्रबंधन करता है, लेकिन इनमें से केवल लगभग 8 करोड़ खाते ही सक्रिय योगदानकर्ता हैं। इस केंद्रीकृत प्रणाली से भविष्य में दावों के निपटान में और तेजी आने की उम्मीद है।
