📉 EIH के तिमाही नतीजे: जानिए सब कुछ
Oberoi Group की होटलों का संचालन करने वाली EIH Limited ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। नतीजों के मुताबिक, कंपनी के रेवेन्यू में तो अच्छी ग्रोथ दिखी, लेकिन कुछ बड़े असाधारण खर्चों (Exceptional Items) के चलते मुनाफे पर असर पड़ा है।
स्टैंडअलोन नतीजे:
तिमाही दर तिमाही (YoY) आधार पर देखें तो, EIH का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 12.01% बढ़कर ₹778.97 करोड़ रहा। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 9.66% की गिरावट आई और यह ₹198.51 करोड़ पर पहुंच गया। नतीजतन, प्रति शेयर आय (EPS) भी पिछले साल के ₹3.52 से घटकर ₹3.17 पर आ गई।
कंसोलिडेटेड नतीजे:
कंसोलिडेटेड (समेकित) स्तर पर भी कंपनी का प्रदर्शन कुछ ऐसा ही रहा। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 9.09% बढ़कर ₹872.89 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, कंसोलिडेटेड PAT में 8.82% की कमी आई और यह ₹254.75 करोड़ रहा। कंसोलिडेटेड EPS भी पिछले साल के ₹4.23 से गिरकर ₹3.89 हो गया।
मुनाफे में गिरावट की वजह:
मुनाफे में इस गिरावट का मुख्य कारण कंपनी द्वारा उठाए गए बड़े असाधारण खर्च रहे। स्टैंडअलोन नतीजों में ₹29.09 करोड़ का नेट एक्सेप्शनल चार्ज दर्ज किया गया। यह मुख्य रूप से कोलकाता स्थित The Oberoi Grand होटल के रेनोवेशन (नवीनीकरण) के कारण उसकी प्रॉपर्टी के डी-रिकग्निशन (मान्यता रद्द होने) से हुए नुकसान और नए लागू हुए लेबर कोड्स के वित्तीय प्रभाव की वजह से हुआ।
इसकी तुलना में, पिछले साल (Q3 FY25) की समान तिमाही में ₹8.41 करोड़ का नेट एक्सेप्शनल गेन (लाभ) हुआ था, जो Mashobra Resort Limited (MRL) प्रॉपर्टी से संबंधित था।
कंसोलिडेटेड आधार पर, Q3 FY26 में ₹30.00 करोड़ का नेट एक्सेप्शनल चार्ज था, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹8.41 करोड़ का लाभ दर्ज किया गया था। कंपनी ने यह भी बताया कि उसने MRL में अपनी हिस्सेदारी हिमाचल प्रदेश सरकार को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।
मैनेजमेंट से गाइडेंस का अभाव:
कंपनी ने अपने वित्तीय नतीजों के साथ किसी मैनेजमेंट कॉल (Management Call) या विस्तृत एनालिस्ट प्रश्नोत्तर सत्र का कोई ब्योरा फाइल नहीं किया है। साथ ही, कंपनी की ओर से भविष्य के लिए कोई विशेष गाइडेंस (Guidance) भी नहीं दी गई है।
आगे क्या उम्मीद करें?
इन नतीजों से मुख्य जोखिम यह उभरता है कि असाधारण मदों का मुनाफे पर बार-बार असर पड़ रहा है। हालांकि रेवेन्यू ग्रोथ यह दर्शाती है कि EIH की हॉस्पिटेलिटी सेवाओं की डिमांड मजबूत बनी हुई है, लेकिन रेनोवेशन और रेगुलेटरी एडजस्टमेंट जैसे बड़े खर्चों ने कंपनी के असल ऑपरेशनल परफॉरमेंस (परिचालन प्रदर्शन) को छिपा दिया है। मैनेजमेंट की ओर से स्पष्टता की कमी भविष्य की दिशा को लेकर अनिश्चितता पैदा करती है। निवेशकों को अब रेनोवेशन के पूरा होने, नए लेबर नियमों के प्रभाव और प्रॉपर्टी डी-रिकग्निशन या एसेट ट्रांसफर से जुड़े भविष्य के घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखनी होगी, ताकि कंपनी के भविष्य के मुनाफे का सही अंदाजा लगाया जा सके।