Gameskraft पर ED का शिकंजा: ₹1,906 करोड़ की संपत्ति अटैच

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Gameskraft पर ED का शिकंजा: ₹1,906 करोड़ की संपत्ति अटैच

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Gameskraft से जुड़ी **₹1,906 करोड़** की संपत्ति अटैच की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) की जांच के तहत हुई है और इसमें RummyCulture जैसे पॉपुलर गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की प्रॉपर्टी भी शामिल है। इस कदम से ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में रेगुलेटरी (Regulatory) असर पड़ सकता है।

Detailed Coverage

ईडी की बड़ी कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में अपनी जांच तेज करते हुए ₹1,906 करोड़ की संपत्ति अटैच की है। ये संपत्ति Gameskraft और उससे जुड़ी कंपनियों की बताई जा रही है। 22 जुलाई, 2026 को हुई इस कार्रवाई से ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (Real Money Gaming) में मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के आरोपों की जांच में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

अटैच की गई संपत्ति का दायरा

ED ने बैंक डिपॉजिट्स, फिक्स्ड डिपॉजिट्स, म्यूचुअल फंड्स, कन्वर्टिबल नोट्स, इक्विटी शेयर्स और फार्महाउस जैसी कई तरह की अचल संपत्तियों को अपने शिकंजे में लिया है। एजेंसी के मुताबिक, ये संपत्तियां Gameskraft के शेयरहोल्डर्स, उनके परिवार के सदस्यों, प्राइवेट ट्रस्ट्स और अन्य संबंधित संस्थाओं के पास थीं। इस एक जांच में अब तक कुल ₹2,401 करोड़ की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है।

गेमिंग ऑपरेशंस पर असर

इस जांच में RummyCulture, RummyPrime, Playship और RummyTime जैसे कई प्रमुख गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर फोकस किया गया है। ED का आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर करीब 3 करोड़ यूजर्स हैं और ये लगातार खेलने के लिए प्रोत्साहित करके एडिक्टिव (Addictive) माहौल बनाते थे। एजेंसी का कहना है कि कंपनियां प्लेटफॉर्म कमीशन को अधिकतम करने के लिए 10% से 15% तक के बोनस और रेफरल रिवॉर्ड्स का इस्तेमाल करती थीं।

ऑपरेशनल आरोप

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या इन कंपनियों ने इंसानों के खिलाफ खेलने के लिए ऑटोमेटेड प्रोग्राम्स (Bots) का इस्तेमाल किया। एजेंसी का दावा है कि इन बॉट्स और आक्रामक प्रमोशन ऑफर्स से भारी कमीशन कमाया गया। बाद में, इस पैसे को डिविडेंड (Dividend) पेमेंट्स और शेयर बाय-बैक (Share Buy-back) जैसे कॉर्पोरेट माध्यमों से बाहर भेजा गया। इससे पहले भी कंपनी पर उसके गेमिंग ऑपरेशंस और गेम्स को स्किल-बेस्ड (Skill-based) या चांस-बेस्ड (Chance-based) मानने को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

सेक्टर पर व्यापक प्रभाव

यह डेवलपमेंट भारतीय ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री के लिए चल रहे रेगुलेटरी दबाव को दिखाता है, खासकर टैक्सेशन, कंज्यूमर प्रोटेक्शन और एथिकल ऑपरेशंस को लेकर। Gameskraft एक प्राइवेट कंपनी है, लेकिन इस तरह की रेगुलेटरी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रियाएं डिजिटल एंटरटेनमेंट और रियल मनी गेमिंग सेक्टर की अन्य कंपनियों के लिए अनुपालन मानकों (Compliance Standards) और बिजनेस मॉडल्स को प्रभावित कर सकती हैं। इस क्षेत्र में निवेश करने वाले निवेशक आगे की सुनवाई और ऑनलाइन गेमिंग पर सरकारी नीतियों में किसी भी बदलाव पर नजर रख सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.