वोटर रोल अपडेट करने में इस्तेमाल होने वाले ECINET सॉफ्टवेयर को लेकर Indian National Congress और Election Commission of India आमने-सामने हैं। पार्टी का आरोप है कि इसमें जरूरी सुरक्षा मानकों की कमी है, जबकि ECI ने कमर्शियल गोपनीयता का हवाला देकर जानकारी देने से इनकार कर दिया है।
वोटर लिस्ट के रिवीजन के लिए इस्तेमाल होने वाले ECINET सॉफ्टवेयर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विपक्षी पार्टी कांग्रेस का दावा है कि सॉफ्टवेयर में कई तरह की खामियां हो सकती हैं, जो चुनावी प्रक्रिया की ईमानदारी को प्रभावित कर सकती हैं।\n\n### गोपनीयता बनाम पारदर्शिता का मुद्दा\n\nविवाद की जड़ में ECI का वह फैसला है, जिसमें उन्होंने सॉफ्टवेयर की तकनीकी डिटेल्स, नाम और वर्जन साझा करने से मना कर दिया है। आयोग का कहना है कि वे Right to Information Act के तहत कमर्शियल गोपनीयता और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी प्रोटेक्शन का पालन कर रहे हैं।\n\n### क्या है कांग्रेस की मांग?\n\nकांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि Tata Consultancy Services द्वारा विकसित इस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल में पारदर्शिता की भारी कमी है। इसके अलावा, पार्टी सिस्टम में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) और आंतरिक सुरक्षा फीचर्स को लेकर भी जवाब मांग रही है।\n\n### आयोग के भीतर मतभेद?\n\nखबरें हैं कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले एक साल में कई बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई थीं, जो मुख्य रूप से चुनावी रोल रिवीजन की प्रक्रियाओं से जुड़ी थीं। इन मामलों को Department of Personnel and Training के पास समीक्षा के लिए भी भेजा गया था। हालांकि, आयोग का कहना है कि संस्थागत प्रक्रिया में आंतरिक बहस होना सामान्य है और उनके सभी आदेश वैधानिक प्रोटोकॉल के तहत ही दिए गए हैं।
