Election Commission of India (ECI) के अंदरूनी मतभेदों की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस मामले में अब एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का भी नाम जुड़ गया है, जो आगामी 2 अक्टूबर को मुंबई में होने वाले विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं।
अंदरूनी विवाद की जड़
Election Commission of India (ECI) की कार्यप्रणाली पर सवाल तब उठे जब रिपोर्ट्स में सामने आया कि पिछले 10 महीनों में कुल 14 बार चुनाव आयुक्तों S.S. Sandhu और Vivek Joshi ने प्रशासनिक फैसलों पर आपत्ति जताई है। ये विवाद मुख्य रूप से वोटर रजिस्ट्रेशन और वोटर लिस्ट से नाम हटाने जैसी प्रक्रियाओं को लेकर थे। हालांकि आयोग का कहना है कि सभी फैसले सहमति से लिए गए, लेकिन इन विवादों ने पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है।
विरोध और एक्टिविज्म का असर
इस पूरे घटनाक्रम पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने 'Cockroach Janta Party' द्वारा 2 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित किए जा रहे प्रदर्शन को समर्थन दिया है। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य चीफ इलेक्शन कमिश्नर Gyanesh Kumar से जवाबदेही तय करना है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इन्वेस्टर नजरिए से देखें तो किसी भी संस्थागत स्थिरता का सीधा असर पॉलिसी एनवायरनमेंट पर पड़ता है। बाजार फिलहाल 30 सितंबर को दिल्ली में होने वाली INDIA bloc की मीटिंग और राजनीतिक गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है, क्योंकि ये स्थिरता और नीतिगत निरंतरता के संकेत दे सकते हैं।
ECI ने बदले नियम
विवादों के बीच आयोग ने वोटर लिस्ट में सुधार के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। अब 'Booth Level Officers' (BLO) घर जाकर समस्याओं का समाधान करेंगे, जिससे मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
