प्लास्टिक रिसाइकिलिंग की राह में रोड़े! Dow, PepsiCo और IIT Delhi ने उठाए ये बड़े सवाल

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AuthorMehul Desai|Published at:
प्लास्टिक रिसाइकिलिंग की राह में रोड़े! Dow, PepsiCo और IIT Delhi ने उठाए ये बड़े सवाल

Dow, PepsiCo India और IIT Delhi के जानकारों ने भारत की 'सर्कुलर प्लास्टिक इकोनॉमी' की राह में आने वाली बाधाओं पर चर्चा की है। रिसाइकिलिंग की महंगी लागत और पॉलिसी में ढिलाई इस दिशा में सबसे बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।

भारत के प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम में एक बड़े बदलाव की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा रिसाइकिलिंग प्रयास अभी भी छोटे 'पायलट प्रोजेक्ट्स' तक ही सीमित हैं, जबकि देश को बड़े पैमाने पर औद्योगिक स्तर पर काम करने की आवश्यकता है।

बुनियादी ढांचे की कमी

Extended Producer Responsibility (EPR) जैसे फ्रेमवर्क होने के बावजूद, भारत में प्लास्टिक कलेक्शन और सॉर्टिंग का ढांचा काफी बिखरा हुआ है। आधुनिक ऑटोमेटेड सॉर्टिंग मशीनों और विश्वसनीय वेस्ट कलेक्शन सिस्टम की कमी के कारण रिसाइकिलिंग प्लांट को कच्चा माल (feedstock) जुटाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

लागत का मुकाबला

जानकारों के अनुसार, रिसाइकिल किए गए प्लास्टिक को बनाना अभी भी 'वर्जिन रेजिन' (नया प्लास्टिक) की तुलना में ज्यादा महंगा पड़ता है। जब तक रिसाइकिलिंग की लागत कम नहीं होगी, तब तक कंपनियों के लिए पूरी तरह से इस पर शिफ्ट होना मुश्किल है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को ऐसे अकाउंटिंग मैकेनिज्म तैयार करने होंगे, जो नए प्लास्टिक के पर्यावरणीय प्रभाव को कीमत में शामिल करें, ताकि रिसाइकिलिंग और नए प्लास्टिक के बीच का अंतर कम हो सके।

नई तकनीक और नियामक चुनौतियां

कॉम्प्लेक्स पैकेजिंग को रिसाइकिल करने के लिए 'केमिकल रिसाइकिलिंग' जैसी एडवांस तकनीकों की जरूरत है, लेकिन अभी इनमें निजी निवेश कम है और रेगुलेटरी मंजूरी की प्रक्रिया भी स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा, अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नियमों के कारण कंपनियों को काम करने में काफी परेशानी हो रही है।

भविष्य की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 तक एक सर्कुलर इकोनॉमी का लक्ष्य पाने के लिए केवल पायलट प्रोजेक्ट्स से काम नहीं चलेगा। इसके लिए सरकार, शिक्षाविदों और प्राइवेट सेक्टर को मिलकर 'मोनो-मटेरियल' पैकेजिंग जैसे समाधानों पर काम करना होगा ताकि रिसाइकिलिंग को आर्थिक रूप से व्यवहार्य (viable) बनाया जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.