रेटिंग में गिरावट पर कंपनी का जवाब
India Ratings & Research ने Dishman Carbogen Amcis की क्रेडिट रेटिंग को घटा दिया है। एजेंसी ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म इंडिया क्रेडिट फैसिलिटी को 'IND A' और शॉर्ट-टर्म फैसिलिटी को 'IND A1' कर दिया है, साथ ही 'Negative' आउटलुक जारी किया है। यह कदम 18 फरवरी 2026 को उठाया गया था, जिस पर कंपनी ने 23 फरवरी 2026 को अपना विस्तृत स्पष्टीकरण दिया है।
प्रदर्शन में सुधार पर कंपनी का जोर
Dishman Carbogen Amcis ने साफ किया है कि यह रेटिंग डाउनग्रेड उसके सुधरते बिजनेस और फाइनेंशियल परफॉरमेंस को ठीक से नहीं दर्शा रहा है। कंपनी ने अपने कंसोलिडेटेड नेट लीवरेज (Consolidated Net Leverage) में आए सुधार पर प्रकाश डाला है, जो 3.18x हो गया है, जबकि फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में यह 3.92x था। इसके अलावा, कंपनी के EBITDA मार्जिन (EBITDA Margins) भी मजबूत हुए हैं, जो 25.68% तक पहुंच गए हैं, जबकि FY25 में ये 19.35% थे।
रेटिंग एजेंसी की चिंताएं
दूसरी ओर, रेटिंग एजेंसी ने कंपनी पर लगातार ऊंचे कर्ज (Persistently High Debt) और मार्जिन में गिरावट (Contracting Margins) को रेटिंग घटाने का मुख्य कारण बताया है। हाल ही में शुरू हुई नई फ्रेंच फैसिलिटी से भी EUR 9.8 मिलियन का EBITDA लॉस दर्ज हुआ है, जो कंपनी की आय पर दबाव डाल रहा है।
फंड जुटाने की योजना
इन वित्तीय चिंताओं को दूर करने के लिए, Dishman Carbogen Amcis ₹10 अरब तक फंड जुटाने की योजना बना रही है। यह फंड Qualified Institutional Placement (QIP) या प्रेफरेंशियल शेयर्स के माध्यम से जुटाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य महंगे कर्ज को चुकाना और कंपनी के लीवरेज मेट्रिक्स को बेहतर बनाना है।
आगे क्या देखना होगा
- कैपिटल रेज़: कंपनी ₹10 अरब का फंड जुटाने में कितनी सफल होती है और इसे कब तक पूरा करती है।
- डेट रिडक्शन: फंड जुटाने के बाद कुल कर्ज में कितनी कमी आती है और नेट लीवरेज रेशियो किस स्तर पर आता है।
- EBITDA मार्जिन: सभी सेगमेंट्स, खासकर फ्रेंच फैसिलिटी के मार्जिन में लगातार सुधार पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।
- स्टैंडअलोन परफॉरमेंस: भारत स्थित स्टैंडअलोन ऑपरेशंस के टर्नअराउंड और क्रेडिट मेट्रिक्स का मूल्यांकन करना होगा।