Dhoot Transmission के IPO में निवेशकों का रुझान अच्छा दिख रहा है। बिडिंग के दूसरे दिन तक इश्यू करीब 0.9 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹918 करोड़ जुटाए हैं और ग्रे मार्केट में भी शेयर को लेकर पॉजिटिव सेंटिमेंट बना हुआ है।
Dhoot Transmission IPO: बिडिंग में दिखा अच्छा रिस्पॉन्स
Dhoot Transmission के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में बिडिंग के दूसरे दिन तक इश्यू करीब 0.9 गुना सब्सक्राइब हो गया है। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) की तरफ से अच्छी भागीदारी देखी जा रही है। यह IPO, जिसका प्राइस बैंड ₹829 से ₹871 प्रति शेयर तय किया गया है, 12 अगस्त, 2026 तक खुला रहेगा।
एंकर निवेशकों से मिले ₹918 करोड़
जनता के लिए IPO खुलने से पहले ही, Dhoot Transmission ने एंकर निवेशकों से ₹918.27 करोड़ जुटाने में कामयाबी हासिल की है। इसमें BlackRock, Abu Dhabi Investment Authority, SBI Mutual Fund और ICICI Prudential Mutual Fund जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इससे पता चलता है कि बड़े निवेशकों ने कंपनी के बिजनेस मॉडल पर भरोसा जताया है।
एक्सपेंशन प्लान और जुड़े जोखिम
कंपनी अपने नए IPO से मिले ₹1,400 करोड़ का इस्तेमाल वायरिंग हार्नेस के लिए नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने में करेगी। ये यूनिट्स हरियाणा और तमिलनाडु में लगेंगी। हालांकि, यह एक्सपेंशन भविष्य की ग्रोथ के लिए अच्छा है, लेकिन इसमें प्रोजेक्ट में देरी या लागत बढ़ने जैसे एग्जीक्यूशन रिस्क भी शामिल हैं।
कस्टमर कॉन्सेंट्रेशन पर रखें नज़र
निवेशकों को कंपनी के कस्टमर कॉन्सेंट्रेशन पर भी ध्यान देना चाहिए। Dhoot Transmission का बड़ा रेवेन्यू Bajaj Auto जैसे कुछ प्रमुख क्लाइंट्स से आता है। इन बड़े ग्राहकों की प्रोडक्शन प्लान्स या डिमांड में कोई भी बदलाव कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट पर सीधा असर डाल सकता है। इसके अलावा, तेजी से बढ़ते एक्सपेंशन के बीच प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखना भी एक चुनौती हो सकती है।
ग्रे मार्केट में ₹250 का प्रीमियम
अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में Dhoot Transmission के शेयर ₹240 से ₹250 प्रति शेयर के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। यह अपर प्राइस बैंड से करीब 28% से 30% ज्यादा है। यह पॉजिटिव मार्केट सेंटीमेंट को दर्शाता है, लेकिन याद रखें कि ग्रे मार्केट ट्रेडिंग सट्टा आधारित होती है और इसके लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं देती।
कब होगा अलॉटमेंट और लिस्टिंग?
शेयरों का फाइनल अलॉटमेंट 13 अगस्त, 2026 के आसपास होने की उम्मीद है, और स्टॉक 17 अगस्त, 2026 को एक्सचेंजों पर लिस्ट हो सकता है।
