Devson Catalyst के IPO में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है। यह इश्यू **78** गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ, जिसमें रिटेल निवेशकों की मांग **117** गुना से भी ज्यादा रही। कंपनी इस इश्यू से मिले **₹42.34 करोड़** का इस्तेमाल नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने में करेगी। शेयरों का अलॉटमेंट **14** जुलाई को होगा और **16** जुलाई को BSE SME प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग होगी।
जानिए IPO का पूरा हाल
गुजरात की स्पेशियलिटी केमिकल कंपनी Devson Catalyst Limited का IPO निवेशकों के जबरदस्त रिस्पांस के साथ बंद हुआ है। पब्लिक इश्यू में कुल 25.87 लाख शेयरों के मुकाबले 20.21 करोड़ शेयरों के लिए बिड आई, जिससे यह इश्यू 78 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो गया। कंपनी ने ₹112 से ₹118 प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर ₹42.34 करोड़ जुटाए हैं।
रिटेल और संस्थागत निवेशकों का भरोसा
इस IPO में रिटेल निवेशकों (Retail Investors) ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। रिटेल कैटेगरी 117.24 गुना सब्सक्राइब हुई। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने 82.46 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने 11.71 गुना बोली लगाई। यह दिखाता है कि निवेशकों को कंपनी की क्षमताओं पर भरोसा है, जो Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Reliance Industries जैसी बड़ी कंपनियों को कैटेलिस्ट, एडसोर्बेंट और सिरेमिक बॉल जैसे उत्पाद सप्लाई करती है।
फंड का इस्तेमाल और विस्तार
Devson Catalyst IPO से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के लिए करेगी। कंपनी की ग्रोथ के लिए प्रोडक्शन बढ़ाना एक अहम फैक्टर होगा। बाकी बचे फंड का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल (Working Capital) और जनरल कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। केमिकल और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री के साइक्लिकल नेचर को देखते हुए, कंपनी के उत्पादों की मांग उसके बड़े क्लाइंट्स की क्षमता विस्तार योजनाओं पर निर्भर करेगी।
फाइनेंशियल पहलू और रिस्क
पेट्रोलियम और फर्टिलाइजर सेक्टर को सप्लाई करने वाली इस कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल डिमांड के आधार पर बदल सकते हैं। ग्रे मार्केट प्रीमियम (Grey Market Premium) ₹45 के आसपास है, जो लिस्टिंग पर कुछ गेन का संकेत दे सकता है, लेकिन यह अनऑफिशियल रेट काफी वोलेटाइल (Volatile) होता है। SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग होने के कारण, मेनबोर्ड कंपनियों की तुलना में इसमें लिक्विडिटी (Liquidity) कम हो सकती है। शेयरों का फाइनल अलॉटमेंट 14 जुलाई को होना है, और 16 जुलाई को BSE SME पर इसकी लिस्टिंग तय है। निवेशकों को कंपनी के विस्तार प्रोजेक्ट की प्रगति और स्पेशियलिटी केमिकल सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए।
