Hospitality Sector Update: Delhi और Mumbai का दबदबा, होटल इंडस्ट्री में सप्लाई बढ़ने से जोखिम की आहट

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AuthorAditya Rao|Published at:
Hospitality Sector Update: Delhi और Mumbai का दबदबा, होटल इंडस्ट्री में सप्लाई बढ़ने से जोखिम की आहट

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दिल्ली और मुंबई ने अब टूरिस्ट स्पॉट्स को पछाड़कर रेवेन्यू रैंकिंग में टॉप पर कब्जा कर लिया है। लेकिन **1.6 लाख** नए कमरों की सप्लाई पाइपलाइन में होने से निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में अब बिजनेस हब्स का बोलबाला हो गया है। 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के डेटा के मुताबिक, दिल्ली और मुंबई ने रणथंभौर और ऋषिकेश जैसे लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशंस को रेवेन्यू के मामले में पीछे छोड़ दिया है। एवरेज रेवेन्यू पर अवेलेबल रूम (ARPAR) की बात करें, तो दिल्ली ₹9,811 के साथ सबसे आगे है, वहीं मुंबई ₹9,761 के साथ दूसरे नंबर पर बनी हुई है।

इस ट्रेंड की मुख्य वजह कॉर्पोरेट ट्रैवल और MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेज और एग्जीबिशन) सेक्टर की वापसी है। IHCL, Chalet Hotels और Lemon Tree Hotels जैसे बड़े प्लेयर्स के लिए यह शिफ्ट इसलिए भी अहम है क्योंकि कॉर्पोरेट ट्रैवल से मिलने वाला रेवेन्यू लीजर टूरिज्म के मुकाबले ज्यादा स्टेबल होता है।

सप्लाई बढ़ने का जोखिम (The Supply Risk)

होटल रेट्स में सुधार ऑपरेशन्स के लिए तो अच्छा है, लेकिन निवेशकों के लिए 1.6 लाख नए होटल कमरों का पाइपलाइन में होना एक बड़ा चिंता का विषय है। अगर ये सभी प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे होते हैं, तो देश की टोटल ब्रांडेड इन्वेंट्री में 77% का इजाफा होगा। अगर डिमांड उतनी तेजी से नहीं बढ़ती है, तो सप्लाई बढ़ने के कारण रूम रेंट पर दबाव आ सकता है, जो मौजूदा खिलाड़ियों के मुनाफे को प्रभावित कर सकता है।

क्षेत्रीय अस्थिरता का असर

सेक्टर पर बाहरी कारकों का असर भी साफ दिख रहा है। श्रीनगर जैसे इलाकों में सुरक्षा कारणों से रेवेन्यू में 51.9% की गिरावट दर्ज की गई है। अमृतसर और जम्मू में भी इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिला है। यह निवेशकों के लिए संकेत है कि बॉर्डर एरिया वाले हॉस्पिटैलिटी स्टॉक्स में जियो-पॉलिटिकल कारणों से उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अब देखना यह होगा कि कंपनियां बढ़ती सप्लाई के बीच अपने ऑक्यूपेंसी लेवल्स को कैसे मैनेज करती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.