जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों के चलते दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने दिल्ली के 11 अहम स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए हैं। राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे सेंट्रल दिल्ली में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो ने शहर के 11 बड़े स्टेशनों पर अपनी सेवाओं को सीमित कर दिया है। ये कदम जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले बड़े विरोध प्रदर्शनों के कारण उठाए गए हैं।
कौन-कौन से स्टेशन प्रभावित हैं?
प्रभावित स्टेशनों में राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, नई दिल्ली, मंडी हाउस, जनपथ, पटेल चौक, सेवा तीर्थ, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार और रामकृष्ण आश्रम मार्ग शामिल हैं। DMRC ने साफ किया है कि इन स्टेशनों पर ट्रेनें रुकेंगी नहीं, लेकिन यात्रियों के लिए गेट पूरी तरह बंद रहेंगे। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि प्रमुख जंक्शनों पर इंटरचेंज फैसिलिटी जारी रहेगी, जिससे एक लाइन से दूसरी लाइन पर जाने वाले यात्रियों को दिक्कत नहीं होगी।
क्यों हो रहा है बवाल?
ये प्रदर्शन 'आम आदमी पार्टी' और 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) जैसे संगठनों द्वारा किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इनका आरोप है कि हाल ही में हुई 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' के दौरान वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं, जो चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।
सुरक्षा का कड़ा पहरा
हालात को काबू में रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने लुटियंस दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी है। मौके पर सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है। भारी पुलिस बल की तैनाती के चलते सेंट्रल दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक मूवमेंट भी काफी धीमा है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले DMRC के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर स्टेशनों के खुलने या बंद होने की ताजा जानकारी जरूर चेक कर लें।
