दिल्ली सरकार महिलाओं के लिए एक नई कल्याणकारी योजना 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' शुरू करने जा रही है। इसके तहत 21 से 60 वर्ष की महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह योजना 28 अगस्त को रक्षा बंधन के आस-पास शुरू हो सकती है, और यह उन महिलाओं को लक्षित करेगी जिनकी पारिवारिक आय ₹2.5 लाख से कम है।
दिल्ली सरकार जल्द ही 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का शुभारंभ करने वाली है। यह एक कल्याणकारी कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य योग्य महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह योजना पहले प्रस्तावित 'महिला समृद्धि योजना' की जगह लेगी और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादे को पूरा करेगी। सरकार का लक्ष्य 28 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन के शुभ अवसर पर इस योजना को औपचारिक रूप से लॉन्च करना है।
पात्रता और भुगतान का विवरण
मासिक सहायता प्राप्त करने के लिए, आवेदक की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्हें दिल्ली में कम से कम 10 साल का निवासी होना होगा, परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए, और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। सरकार सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में धनराशि भेजने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली का उपयोग करने की योजना बना रही है। इस तरीके से भुगतान में देरी को कम करने और फंड वितरण में पारदर्शिता में सुधार करने का इरादा है।
अन्य राज्यों की कैश सहायता योजनाओं का संदर्भ
दिल्ली प्रशासन का यह कदम विभिन्न भारतीय राज्यों में महिलाओं के लिए इसी तरह की प्रत्यक्ष नकद सहायता कार्यक्रमों की तर्ज पर है। इसी तरह की पहलों में मध्य प्रदेश की 'लाड़ली बहना योजना', महाराष्ट्र की 'मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिण योजना', और ओडिशा की 'सुभद्रा योजना' शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ाना और घरेलू खर्चों के लिए अतिरिक्त सहायता प्रदान करना है। आर्थिक दृष्टिकोण से, ऐसी योजनाओं की सफलता अक्सर राज्य की दीर्घकालिक व्यय क्षमता और लाभार्थियों की पहचान व सत्यापन प्रक्रिया की दक्षता पर निर्भर करती है।
सार्वजनिक परिवहन के लिए नया नियम
एक अलग विकास में, दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन के लिए एक नई आवश्यकता भी पेश की है। 1 अगस्त 2026 से, दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसों में मुफ्त यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' अनिवार्य हो जाएगा। 31 जुलाई के बाद मौजूदा पेपर टिकट मान्य नहीं होंगे। यह बदलाव केंद्र सरकार द्वारा समर्थित 'वन नेशन, वन कार्ड' पहल के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य एक ही डिजिटल ढांचे के तहत ट्रांजिट भुगतानों को एकीकृत करना है। निवेशक और निवासी इन कार्डों के लिए आवेदन प्रक्रिया और 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के लिए आवश्यक पात्रता दस्तावेजों की निगरानी कर सकते हैं, क्योंकि आधिकारिक लॉन्च की तारीख नजदीक आ रही है।
