Delhi Firecracker Market: पटाखों पर फर्जी QR कोड का बड़ा खेल, सुप्रीम कोर्ट के नियमों की उड़ी धज्जियां

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Delhi Firecracker Market: पटाखों पर फर्जी QR कोड का बड़ा खेल, सुप्रीम कोर्ट के नियमों की उड़ी धज्जियां

दिल्ली-NCR के पटाखों के बाजारों में फर्जी QR कोड वाले अवैध पटाखों की भरमार हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के 'ग्रीन फायरक्रैकर्स' संबंधी सख्त नियमों का पालन न होने पर पुलिस ने छापेमारी तेज कर दी है, जिससे व्यापारियों के लिए बड़ा कानूनी संकट खड़ा हो गया है।

दिल्ली-NCR में पटाखों के बाजार इस वक्त कड़ी नियामक जांच (Regulatory Scrutiny) के दायरे में हैं। हालांकि कोर्ट ने केवल प्रमाणित ग्रीन फायरक्रैकर्स की बिक्री के लिए 4 नवंबर से 6 नवंबर, 2026 तक की अनुमति दी थी, लेकिन सदर बाजार जैसे प्रमुख केंद्रों पर हुए निरीक्षण में ऐसे पटाखे बड़ी संख्या में पाए गए हैं, जिनके QR कोड या तो काम नहीं कर रहे हैं या पूरी तरह फर्जी हैं।

क्या है नियम और कहां है गड़बड़ी?

सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा आदेश के मुताबिक, हर ग्रीन पटाखे पर एक यूनिक QR कोड होना अनिवार्य है। इस कोड से निर्माता की पहचान, NEERI रजिस्ट्रेशन, PESO लाइसेंस और केमिकल फॉर्मूलेशन जैसी पूरी जानकारी मिलनी चाहिए। हालांकि, जांच में सामने आया है कि ये कोड या तो सामान्य वेबसाइटों पर ले जा रहे हैं या उनमें कोई पुख्ता जानकारी ही नहीं है।

पुलिस की कार्रवाई और सख्ती

प्रशासन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कई FIR दर्ज की हैं। दिल्ली पुलिस ने अब तक 1,200 किलो से अधिक अवैध पटाखे जब्त किए हैं। यह स्थिति सप्लाई चेन की खामियों को उजागर करती है, जहाँ नियमों का पालन न होने का खामियाजा अंततः ग्राहकों को उठाना पड़ रहा है।

निवेशकों के लिए जोखिम (Investment Risk)

इन्वेस्टर नजरिए से यह सेक्टर बेहद 'हाई-रिस्क' जोन में है। बिक्री की समय-सीमा बहुत सीमित है और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आधार पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती कभी भी बिजनेस मॉडल को ठप कर सकती है। इस तरह के अनिश्चित माहौल में मैन्युफैक्चरर्स और ट्रेडर्स के लिए कानूनी और प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम बहुत अधिक बढ़ गए हैं।

9 नवंबर, 2026 से दिल्ली-NCR में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू हो जाएगा। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि त्योहार के बाद अधिकारियों की यह सख्ती और भविष्य के लिए कोर्ट के नए नियम इस अनियंत्रित बाजार को कैसे व्यवस्थित करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.