दिल्ली में वोटर लिस्ट के डिजिटलीकरण के बाद लगभग **47.7 लाख** वोटर्स के नाम ड्राफ्ट रोल से गायब हो सकते हैं। इलेक्शन कमीशन ने इन वोटर्स को 'ASDDO' श्रेणी में रखा है।
क्या है पूरा मामला?
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (Election Commission of India) द्वारा चलाए जा रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) और डोर-टू-डोर डिजिटलीकरण अभियान के बाद दिल्ली की वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। अधिकारियों ने लगभग 47.7 लाख वोटर्स को 'एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड, डुप्लीकेट और अदर्स' (ASDDO) की श्रेणी में डाल दिया है। इन नामों को ऐतिहासिक रिकॉर्ड, जैसे कि 2002 की लिस्ट के साथ वेरीफाई करने में मुश्किल आ रही थी, जिसके कारण इन्हें फिलहाल ड्राफ्ट रोल से बाहर रखा गया है। दिल्ली में कुल वोटर्स की संख्या करीब 1.45 करोड़ आंकी गई है।
आपके पास क्या मौका है?
अगर आपका नाम भी लिस्ट से गायब है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन ने 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक का समय दिया है, जिसमें आप अपने दावे और आपत्तियां (Claims and Objections) दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद 4 नवंबर 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी।
सुविधा में हुआ इजाफा
वोटर्स की सुविधा के लिए इलेक्शन कमीशन ने दिल्ली में पोलिंग स्टेशंस की संख्या 13,033 से बढ़ाकर 14,947 कर दी है। सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि वे अपना स्टेटस ऑनलाइन चेक करें और तय समय सीमा के भीतर ग्रीवेंस विंडो का लाभ उठाएं ताकि अंतिम सूची में उनका नाम शामिल हो सके।
