Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने शहर में चल रहे **2,400** से ज्यादा पेइंग गेस्ट (PG) मकानों के मालिकों को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। सुरक्षा के मद्देनजर अब सभी प्रॉपर्टी मालिकों को **15 दिन** के भीतर स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट जमा करना होगा, अन्यथा सीलिंग की कार्रवाई हो सकती है।
हाल ही में सत्य निकेतन में हुई इमारत ढहने की दुखद घटना के बाद दिल्ली हाई कोर्ट की सख्ती के बीच MCD ने यह बड़ा कदम उठाया है। अब उन सभी इमारतों पर गाज गिर सकती है जो बिना मंजूर बिल्डिंग प्लान के चल रही हैं।\n\n### ऑडिट क्यों जरूरी है?\nनियम के मुताबिक, मकान मालिकों को अब अधिकृत स्ट्रक्चरल इंजीनियरों से अपनी इमारत की मजबूती की जांच करानी होगी। यह चेक किया जाएगा कि इमारत भूकंप के झटकों को झेलने में सक्षम है या नहीं और उसमें पिलर-बीम मानकों का पालन हुआ है या नहीं। MCD के डेटा के अनुसार, सर्वे में शामिल केवल 30% से कम PG के पास ही अप्रूव्ड बिल्डिंग प्लान है।\n\n### कार्रवाई और प्रभाव\nअगर तय 15 दिन के भीतर कागजात जमा नहीं हुए, तो प्रशासन उन इमारतों को तुरंत सील कर देगा। अब तक 4 इमारतों को खतरनाक घोषित कर खाली कराने का नोटिस दिया जा चुका है। सबसे ज्यादा असर सिविल लाइन्स जैसे इलाकों पर पड़ेगा, जहां अकेले 600 से अधिक PG यूनिट्स हैं।\n\nइस फैसले से लगभग 50,000 छात्रों और काम करने वाले युवाओं के लिए रहने की जगह को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। अगर स्ट्रक्चर असुरक्षित पाया जाता है, तो मालिकों को अपना काम बंद करना पड़ सकता है और निवासियों को अचानक बेघर होने का सामना करना पड़ेगा।
