राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब होकर **391 AQI** के स्तर पर पहुंच गई है, जिसके कारण ग्रैप-2 (GRAP Stage-II) के कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं।
शुक्रवार की सुबह दिल्ली की हवा की गुणवत्ता का स्तर 391 दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी के बेहद करीब है। शहर के 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से लगभग आधे स्टेशनों पर प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है, जबकि रोहिणी जैसे हॉटस्पॉट्स में यह आंकड़ा 475 तक पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ग्रैप-2 की पाबंदियां लागू कर दी हैं।
बिजनेस ऑपरेशंस पर असर
ग्रैप-2 के तहत निर्माण कार्यों और डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। इन पाबंदियों का सीधा असर रियल एस्टेट डेवलपर्स, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों पर पड़ेगा। इससे प्रोजेक्ट्स में देरी होने के साथ-साथ ऑपरेटिंग कॉस्ट में भी बढ़ोतरी की आशंका है।
आगे की चुनौतियां
दिवाली के त्यौहार को देखते हुए प्रदूषण और बढ़ने का खतरा बना हुआ है। हवा की कम रफ्तार और पड़ोसी राज्यों में पराली जलने के कारण प्रदूषण का स्तर और खतरनाक हो सकता है। अगर हालात में सुधार नहीं हुआ, तो एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) द्वारा ग्रैप-3 या ग्रैप-4 भी लागू किया जा सकता है, जिससे कंस्ट्रक्शन और इंडस्ट्रीज पर पूर्ण प्रतिबंध लग सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे आगामी प्रशासनिक फैसलों पर नजर बनाए रखें क्योंकि त्यौहारों के दौरान कामकाज में और रुकावटें आ सकती हैं।
