Dalmia Bharat ने Q2 FY27 के नतीजे जारी किए हैं, जहाँ EBITDA मार्जिन **6.9%** घटकर **13.8%** रह गया है। बढ़ी हुई फ्यूल लागत और **₹339 करोड़** के वन-टाइम खर्चों ने मुनाफे पर दबाव बनाया है, जबकि कंपनी का नेट डेट बढ़कर **₹5,722 करोड़** हो गया है।
मुनाफे पर दबाव की असली वजह
Dalmia Bharat के लिए वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 13.8% पर आ गया है, जो पिछले साल की तुलना में 6.9% की भारी गिरावट है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह पावर और फ्यूल की लागत में 20% का उछाल है, जो ₹1,224 प्रति टन तक पहुंच गई है। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स और रॉ मटेरियल की कीमतों ने भी मार्जिन को प्रभावित किया है।
एक्स्ट्रा खर्चों ने बिगाड़ा गणित
कंपनी के नतीजों पर कुछ वन-टाइम खर्चों का भी असर दिखा है। Dalmia Bharat ने ₹282 करोड़ का नुकसान तीन पावर प्लांट्स के बंद होने और एक ब्रांड को डिस्कंटिन्यू करने के कारण दर्ज किया है। साथ ही, ₹57 करोड़ का खर्च कर्मचारियों के सेपरेशन (Employee Separation) पर हुआ है। हालांकि, सेल वॉल्यूम में 3% की बढ़त देखी गई और यह 7.1 मिलियन टन रहा, लेकिन इन खर्चों ने ओवरऑल अर्निंग्स को नुकसान पहुंचाया है।
कर्ज और एक्सपेंशन का प्लान
बावजूद इसके, कंपनी अपने कैपेसिटी एक्सपेंशन पर तेजी से काम कर रही है। नेट डेट बढ़कर ₹5,722 करोड़ हो गया है, जो पहले ₹4,431 करोड़ था। कंपनी का लक्ष्य FY28 तक सीमेंट कैपेसिटी को 70 से 75 मिलियन टन सालाना तक ले जाने का है।
आगे क्या होगा?
मैनेजमेंट के अनुसार, नए प्लांट्स का मार्जिन पर फिलहाल ₹50 प्रति टन का दबाव है, जो तीसरी तिमाही में ₹100 से ₹125 प्रति टन तक जा सकता है। पेट कोक की कीमतें $180 प्रति टन के पार जाने के कारण कंपनी ने साउथ और ईस्ट मार्केट्स में सीमेंट के दाम ₹15 प्रति बैग बढ़ा दिए हैं। अब निवेशकों की नजर इस पर होगी कि क्या ये प्राइस हाइक और नई कैपेसिटी का पूरा इस्तेमाल कंपनी के मुनाफे को दूसरी छमाही में पटरी पर ला पाएगा या नहीं।
