Damodar Valley Corporation (DVC) ने भारी बारिश के चलते मैथन और पंचेत बांधों से **1.2 लाख क्यूसेक** पानी छोड़ा है। बैंकुरा और हुगली समेत पांच जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
बाढ़ का खतरा और प्रशासन की तैयारी
भारी बारिश के बाद Damodar Valley Corporation ने सुरक्षा के लिहाज से जलाशयों से पानी छोड़ा है। इस फैसले के बाद पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान, पश्चिम बर्धमान, बांकुरा, हुगली और हावड़ा जिलों में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह कदम झारखंड के तेनुघाट बांध से आ रहे भारी पानी के दबाव को नियंत्रित करने और बांध की मजबूती बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
निर्णय प्रक्रिया और विवाद
पानी छोड़ने का यह फैसला 'दामोदर वैली रिजर्वायर रेगुलेशन कमेटी' द्वारा लिया गया है। इस कमेटी में पश्चिम बंगाल सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं। हालांकि, पानी छोड़ने के समय और मात्रा को लेकर राज्य सरकार और केंद्र के बीच अक्सर मतभेद देखे गए हैं, लेकिन इस बार इसे बांध के सुरक्षित संचालन के लिए जरूरी बताया गया है।
संस्था का फाइनेंशियल प्रोफाइल
निवेशकों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि Damodar Valley Corporation एक सरकारी संस्था है और शेयर बाजार (NSE/BSE) में लिस्टेड नहीं है। यह संस्था पावर जनरेशन और फ्लड कंट्रोल का काम करती है। हालांकि इसके बॉन्ड्स पर भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी होती है, जिससे यह एक सुरक्षित इंस्ट्रूमेंट माना जाता है। संस्था को अक्सर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) जैसे डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों से भुगतान में देरी की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन सरकार का बैकअप होने के कारण इसकी ऑपरेशनल स्टेबिलिटी बरकरार है।
फिलहाल स्थानीय प्रशासन को नदियों के तटों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में ऊपरी इलाकों में होने वाली बारिश ही तय करेगी कि पानी के डिस्चार्ज को और बढ़ाने की जरूरत है या नहीं।
