KN Nehru: DMK नेता के ठिकानों पर DVAC का छापा, भर्ती और टेंडर में घोटाले का आरोप

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
KN Nehru: DMK नेता के ठिकानों पर DVAC का छापा, भर्ती और टेंडर में घोटाले का आरोप

तमिलनाडु में DVAC ने DMK के दिग्गज नेता KN Nehru से जुड़े 19 ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई उनके मंत्री रहने के दौरान हुई कथित भर्ती और टेंडर अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई है।

तमिलनाडु में भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी DVAC ने शनिवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 19 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। यह जांच मुख्य रूप से DMK के वरिष्ठ नेता KN Nehru और उनके भाई KN Ravichandran से जुड़ी संपत्तियों पर केंद्रित है। यह मामला प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज FIR से जुड़ा है, जो नेहरू के नगर प्रशासन और जल आपूर्ति मंत्री रहने के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों की ओर इशारा करता है।

जांच का केंद्र: भर्ती और टेंडर में धांधली

जांच एजेंसियों की नजर मुख्य रूप से 2,538 लोगों की भर्ती प्रक्रिया और टेंडर मैनेजमेंट में हुई हेराफेरी पर है। नगर प्रशासन विभाग भारी सरकारी फंड और बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स को संभालता है, ऐसे में इन प्रक्रियाओं में गड़बड़ी की खबरें गंभीर चिंता पैदा करती हैं। गौरतलब है कि पहले भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी विभाग से जुड़ी लगभग ₹1,020 करोड़ की अनियमितताओं के संकेत दिए थे।

सियासी संग्राम

इस कार्रवाई के बाद तमिलनाडु की राजनीति गरमा गई है। DMK अध्यक्ष MK Stalin ने छापेमारी को पूरी तरह से 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि TVK सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।

बिजनेस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर

इस तरह की हाई-प्रोफाइल जांचों का असर अक्सर राज्य के प्रशासनिक फैसलों पर पड़ता है। इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया में अस्थायी सुस्ती देखने को मिल सकती है। फिलहाल एजेंसी जब्त किए गए दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है, जिससे आने वाले समय में राज्य के प्रशासनिक कामकाज पर बड़ा असर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.