DSP MF के विनीत सम्बरे की चेतावनी: मैन्युफैक्चरिंग में ग्रोथ, पर स्टॉक की कीमतें हैं आसमान पर!

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AuthorNeha Patil|Published at:
DSP MF के विनीत सम्बरे की चेतावनी: मैन्युफैक्चरिंग में ग्रोथ, पर स्टॉक की कीमतें हैं आसमान पर!

DSP Mutual Fund के इक्विटी हेड, विनीत सम्बरे का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग और ऑटो कंपोनेंट्स सेक्टर में ग्लोबल सप्लाई चेन में बदलाव के चलते ग्रोथ की तगड़ी संभावनाएं हैं। हालांकि, उन्होंने निवेशकों को चेताया है कि मौजूदा स्टॉक की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं, इसलिए सावधानी बरतना ज़रूरी है। सम्बरे IT सर्विसेज को लेकर भी पॉजिटिव हैं और AI को लेकर चिंता को बढ़ा-चढ़ा कर बताया गया मानते हैं।

मैन्युफैक्चरिंग में ग्रोथ का दम, पर सावधान!

DSP Mutual Fund के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और इक्विटीज हेड, विनीत सम्बरे ने भारत के कुछ हाई-ग्रोथ वाले सेक्टर्स पर मिली-जुली राय दी है। जहां वे प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स और ऑटो कंपोनेंट्स में लंबी अवधि की तगड़ी संभावनाएं देखते हैं, वहीं उन्होंने इन स्टॉक्स की मौजूदा ऊंची कीमतों (High Valuations) को लेकर एक साफ चेतावनी भी जारी की है।

सम्ब्रे के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग और ऑटो कंपोनेंट सेक्टर्स में तेजी की उम्मीदें जायज हैं। इसकी वजह ग्लोबल कंपनियां अपनी सप्लाई चेन में विविधता ला रही हैं और भारत जटिल मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं को संभालने में बेहतर हो रहा है। उन्होंने ऑटो सेक्टर में इलेक्ट्रिफिकेशन (Electrification) की ओर बढ़ते कदम और हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स की तरफ जाने को ऐसे अहम कारण बताया है जो आने वाले सालों में कंपनियों के लिए नए ग्रोथ अवसर पैदा करेंगे।

ऊंची कीमतों पर 'बॉटम-अप' अप्रोच ज़रूरी

हालांकि, सम्बरे ने निवेशकों को इन सेक्टर्स में आंख मूंदकर पैसा लगाने से मना किया है। उनका कहना है कि इन स्टॉक्स की कीमतें पहले ही काफी बढ़ चुकी हैं और कई अब महंगी कीमतों पर ट्रेड कर रहे हैं। ऐसे में, सेक्टर चुनने से ज्यादा ज़रूरी हो गया है कि आप निवेश कैसे करते हैं। सम्बरे निवेशकों को 'बॉटम-अप' अप्रोच (Bottom-up Approach) अपनाने की सलाह देते हैं। इसका मतलब है कि सिर्फ सेक्टर पर दांव लगाने के बजाय, अलग-अलग कंपनियों के फंडामेंटल हेल्थ पर फोकस करें। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी के पास स्पष्ट ऑर्डर बुक है, एग्जीक्यूशन का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है और बैलेंस शीट मजबूत है।

IT सेक्टर और AI पर क्या है राय?

IT सेक्टर की बात करें तो सम्बरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को इंडस्ट्री के लिए बड़ा खतरा मानने वालों में से नहीं हैं। उनका कहना है कि AI भले ही एक डिस्टर्पशन (Disruption) है, लेकिन यह भारतीय कंपनियों के लिए एफिशिएंसी बढ़ाने का एक टूल है, न कि उनके बिजनेस मॉडल को रिप्लेस करने वाली चीज। वे मानते हैं कि AI को लेकर मार्केट की चिंताएं जरूरत से ज्यादा हैं और जैसे-जैसे खर्च बढ़ेगा, IT सर्विसेज में वैल्यू अभी भी मिल सकती है।

पावर इक्विपमेंट और कंजम्पशन सेक्टर

सम्ब्रे ने पावर इक्विपमेंट वैल्यू चेन और कंजम्पशन सेक्टर पर भी बात की। उनका कहना है कि पावर इक्विपमेंट में ग्रिड इन्वेस्टमेंट और कैपेसिटी बढ़ाने के चलते मांग साफ दिख रही है, लेकिन यह सेक्टर भी अब महंगा हो चुका है। कंजम्पशन स्टॉक्स पर उनका नजरिया तीन से पांच साल का है, वे इकोनॉमी ग्रोथ के साथ बढ़ती आय और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर स्ट्रक्चरल शिफ्ट पर दांव लगा रहे हैं।

इन सेक्टर्स पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए, यह ज़रूरी होगा कि वे सिर्फ बड़ी थीम से आगे देखें। इन सेक्टर्स में सफलता और असफलता के बीच का अंतर कंपनी-विशिष्ट फैक्टर्स जैसे डेट लेवल, ऑर्डर एग्जीक्यूट करने की क्षमता और उन कंपनियों से बचने के अनुशासन पर निर्भर करेगा जो अपने बिजनेस वैल्यू से कहीं ज्यादा ऊंची कीमतों पर ट्रेड कर रही हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.