Directorate of Revenue Intelligence (DRI) ने 'Operation Deep Manifest' के जरिए पाकिस्तान से हो रही नमक की बड़ी तस्करी का खुलासा किया है। फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर **7,311 टन** रॉक सॉल्ट भारत लाया गया था, जिसकी कीमत **₹30 करोड़** आंकी गई है।
कैसे चल रहा था तस्करी का जाल?
जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को चकमा देने के लिए चालाकी से रास्तों को बदला। पाकिस्तान से आ रहे माल को पहले श्रीलंका के कोलंबो पोर्ट और फिर UAE के रास्ते भारत भेजा जा रहा था। अपनी पहचान छिपाने के लिए तस्करों ने फर्जी 'सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन' और इनवॉइस का सहारा लिया, जिससे यह माल किसी और देश का प्रतीत हो। यह खेल मार्च 2026 से कांडला और मुंद्रा पोर्ट्स के जरिए चल रहा था।
DRI की कार्रवाई
इस मामले में DRI ने अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें इम्पोर्टर और एक कस्टम ब्रोकर शामिल हैं। कांडला पोर्ट पर 140 मीट्रिक टन का अवैध सामान जब्त किया गया है और तस्करों की ₹20.96 लाख की बैंक संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया है। फिलहाल दिल्ली, मुंबई और गांधीधाम जैसे शहरों में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट सेक्टर पर असर
मई 2025 में लगे व्यापार प्रतिबंधों के बाद से सरकार इस मामले को लेकर बेहद सख्त है। हालांकि किसी भी लिस्टेड कंपनी का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन पोर्ट्स पर रेगुलेटरी निगरानी बढ़ने से अब कागजी कार्यवाही और ऑडिट का दायरा सख्त होना तय है। लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए अब पोर्ट्स पर क्लीयरेंस में देरी और सख्त डॉक्यूमेंटेशन वेरिफिकेशन का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर असर पड़ सकता है।
