DMRC ने सुप्रीम कोर्ट में मांगी माफी, 10 अक्टूबर को मेट्रो बंदी पर दी सफाई

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
DMRC ने सुप्रीम कोर्ट में मांगी माफी, 10 अक्टूबर को मेट्रो बंदी पर दी सफाई

10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली मेट्रो के कामकाज पर सवाल उठने के बाद DMRC ने सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि मेट्रो की सेवाएं बंद नहीं की गई थीं, बल्कि पुलिस के निर्देशों पर केवल 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास सीमित किया गया था।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 10 अक्टूबर को राजधानी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान नेटवर्क के आंशिक रूप से बंद होने पर सुप्रीम कोर्ट में औपचारिक रूप से अपनी सफाई पेश की है। DMRC की चेयरपर्सन डी. थारा द्वारा दायर हलफनामे में उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया गया, जिनमें दावा किया गया था कि पूरे नेटवर्क को ठप कर दिया गया था।

पुलिस के निर्देश पर लिए फैसले

डी. थारा ने स्पष्ट किया कि कुल 303 मेट्रो स्टेशनों में से केवल 45 स्टेशनों पर सुरक्षा कारणों से एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को नियंत्रित किया गया था। यह कदम स्थानीय पुलिस के निर्देशों के बाद उठाया गया था। बाकी 258 स्टेशन पूरी तरह से सामान्य रूप से काम कर रहे थे।

आंकड़ों से समझें असर

प्रदर्शनों के कारण यात्रियों की संख्या पर जरूर असर पड़ा। अमूमन शनिवार को मेट्रो में 5.8 मिलियन यात्री सफर करते हैं, लेकिन उस दिन यह संख्या गिरकर 3.2 मिलियन रह गई। हालांकि, DMRC का कहना है कि उनकी ओर से कोई भी ट्रेन सर्विस कैंसिल नहीं की गई थी। उस दिन कुल 271 ट्रेनों ने 4,157 ट्रिप पूरी की, जो कि सामान्य शेड्यूल के मुताबिक थीं।

राजीव चौक, कश्मीरी गेट और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट जैसे महत्वपूर्ण ट्रांजिट पॉइंट पर यात्रियों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रही। कंपनी ने अपने 'सारथी' मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए यात्रियों को实时 अपडेट्स देने का दावा किया है। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस हलफनामे पर क्या रुख अपनाता है और भविष्य के प्रदर्शनों के लिए क्या गाइडलाइन्स जारी करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.