Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) Gyanesh Kumar को पद से हटाने की मांग की है। पार्टी ने इलेक्टोरल रोल में गड़बड़ी का आरोप लगाया है और वापस पेपर बैलट पर लौटने की वकालत की है।
DMK ने भारत के चुनाव आयोग के साथ अपना टकराव तेज कर दिया है। चेन्नई स्थित अन्ना अरिवलयम में आयोजित बैठक में पार्टी ने प्रस्ताव पारित कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार को हटाने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के दौरान चुनावी सूचियों में पक्षपात हुआ है, जिससे बिहार जैसे क्षेत्रों में कई असली मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए।\n\nइसके साथ ही, DMK ने चुनाव प्रक्रिया में बड़े संरचनात्मक बदलाव की मांग की है। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को हटाने और पारंपरिक पेपर बैलट सिस्टम को फिर से शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, पार्टी की मांग है कि VVPAT पर्चियों का 100 प्रतिशत सत्यापन किया जाए। DMK का मानना है कि वर्तमान इलेक्टोरल रजिस्ट्री से छेड़छाड़ की गई है और उन्होंने अधिकारियों से पुरानी मतदाता सूची के इस्तेमाल की अपील की है।\n\nदूसरी ओर, तमिलनाडु में राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है। DMK ने नागापट्टिनम में डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) द्वारा Tamizhaga Vetri Kazhagam (TVK) के एक पदाधिकारी की गिरफ्तारी के बाद कड़ा रुख अपनाया है। आरोपी पर 135 किलोग्राम मेथामफेटामाइन (Methamphetamine) छिपाने का आरोप है। DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने इस मामले पर चिंता जताते हुए राज्य की ड्रग्स विरोधी कार्रवाई और विपक्षी दल के कथित आपराधिक संबंधों पर तीखे सवाल उठाए हैं।
