डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने अगरवुड ऑयल और चिप्स के एक्सपोर्ट के लिए गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से नॉर्थ ईस्ट के एक्सपोर्टर्स को अब सीधे इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंचने का रास्ता मिल गया है।
कारोबार की राह हुई आसान
अब तक नॉर्थ ईस्ट के एक्सपोर्टर्स को अपने सामान को दूसरे शहरों के एयरपोर्ट्स के जरिए भेजना पड़ता था, जो काफी खर्चीला और समय लेने वाला काम था। DGFT के इस नए नोटिफिकेशन के बाद, गुवाहाटी से अब सीधा एक्सपोर्ट संभव होगा, जिससे न सिर्फ लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में कमी आएगी, बल्कि लोकल प्रोड्यूसर्स का प्रॉफिट मार्जिन भी बढ़ेगा।
सुगंधित उद्योग (Aromatic Industry) को बूस्ट
असम अगरवुड उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है। यहां के अगरवुड की मांग ग्लोबल मार्केट, खासकर मिडिल ईस्ट में बहुत ज्यादा रहती है। परफ्यूम, कॉस्मेटिक्स और ट्रेडिशनल मेडिसिन इंडस्ट्री में इसकी भारी खपत है। इस नए गेटवे से लोकल प्रोसेसिंग यूनिट्स को वैश्विक बाजारों से सीधा जुड़ने में मदद मिलेगी।
नियमों का पालन रहेगा अनिवार्य
भले ही लॉजिस्टिक्स आसान हो गया है, लेकिन एक्सपोर्टर्स को CITES (Convention on International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora) जैसे अंतरराष्ट्रीय और डोमेस्टिक नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। गुवाहाटी एयरपोर्ट से होने वाले सभी शिपमेंट्स पर सख्त रेगुलेटरी स्क्रूटनी जारी रहेगी।
सरकारी रणनीति
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे रीजनल ट्रेड इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। सरकार का उद्देश्य केवल कच्चे माल का व्यापार करना नहीं, बल्कि क्षेत्र में 'वैल्यू एडेड' प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि गुवाहाटी एयरपोर्ट से एक्सपोर्ट वॉल्यूम में कितनी तेजी आती है।
