हवाई सफर के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए DGCA ने MOBIKINS MK-PB-04 पावर बैंक को भारतीय उड़ानों में ले जाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह फैसला **11 अक्टूबर 2026** को इंडिगो की फ्लाइट में हुई एक आग की घटना के बाद लिया गया है।
सुरक्षा के मद्देनजर सख्त कदम
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए MOBIKINS MK-PB-04 पावर बैंक के परिवहन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह रोक केबिन बैग, चेक-इन लगेज और कार्गो होल्ड—तीनों श्रेणियों पर लागू होगी। रेगुलेटर ने स्पष्ट किया है कि यह डिवाइस हवाई सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह सख्त कार्रवाई 11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो फ्लाइट संख्या 6E 6115 में हुई घटना के बाद आई है। उड़ान के दौरान एक यात्री का पावर बैंक अचानक ओवरहेड बिन में आग पकड़ लिया था, जिसके बाद पायलट को इमरजेंसी लैंडिंग के लिए विमान को हैदराबाद की ओर मोड़ना पड़ा था। हालांकि इस घटना में किसी बड़े नुकसान या चोट की खबर नहीं थी, लेकिन इसने फ्लाइट के भीतर बैटरी से होने वाले जोखिमों को उजागर कर दिया है।
एयरलाइंस के लिए चुनौती
अब तमाम एयरलाइंस की ग्राउंड स्टाफ और सिक्योरिटी टीमों के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है। प्री-फ्लाइट स्क्रीनिंग के दौरान उन्हें इस विशिष्ट पावर बैंक मॉडल की पहचान करनी होगी और इसे जब्त करना होगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे इस नए नियम का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी या सुरक्षा चूक से बचा जा सके।
बैटरी का 'थर्मल रनवे' (Thermal Runaway) खतरा
लिथियम-आयन बैटरी अक्सर 'थर्मल रनवे' का शिकार होती हैं, जहाँ इंटरनल फाल्ट के कारण बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ता है और आग पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। DGCA का यह लक्षित प्रतिबंध दर्शाता है कि सुरक्षा में किसी भी सेंध के बाद रेगुलेटर अब जीरो-टोलरेंस की नीति अपना रहे हैं।
