Cyclone Arnab तेजी से आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है। **28 अक्टूबर** को इसके लैंडफॉल की संभावना है, जिसमें हवा की रफ्तार **140 किमी/घंटा** तक रह सकती है। यह आपदा न केवल तटीय इलाकों में तबाही मचा सकती है, बल्कि पोर्ट ऑपरेशन, एग्रीकल्चर और लॉजिस्टिक्स चेन के लिए बड़ा जोखिम है।
Cyclone Arnab बंगाल की खाड़ी से गुजरते हुए 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच टकराने वाला है। मौसम विभाग के डेटा के मुताबिक, 27 अक्टूबर तक यह एक 'एक्सट्रीमली सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म' (Extremely Severe Cyclonic Storm) का रूप ले लेगा, जिसमें हवा की गति 115-125 किमी/घंटा और झोंके 140 किमी/घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और एग्रीकल्चर पर असर
आंध्र प्रदेश का तटीय इलाका देश के बड़े पोर्ट्स जैसे विशाखापत्तनम और काकीनाडा का घर है, जो कमोडिटी एक्सपोर्ट और इंडस्ट्रियल लॉजिस्टिक्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। चक्रवात के कारण पोर्ट बंद होने और जहाजों की आवाजाही रुकने से उन कंपनियों की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है जो इन रूट्स पर निर्भर हैं। इसके अलावा, राज्य के प्रमुख उत्पादन जैसे चावल और मिर्च की फसलें भी भारी हवा और बारिश की चपेट में आ सकती हैं, जिससे लोकल प्राइस स्टेबिलिटी प्रभावित होने की आशंका है।
दक्षिण भारत में भी अलर्ट
चक्रवात के अलावा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में एक लो-प्रेशर सिस्टम के चलते 115.6 mm से 204.4 mm तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में भी मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और रिटेल बिजनेस पर असर पड़ सकता है। बाजार के जानकारों के अनुसार, निवेशकों को फिलहाल कंपनियों के ऑपरेशनल डाउनटाइम, मरम्मत के खर्च और डिजास्टर मैनेजमेंट अपडेट्स पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
