Cube Highways Trust 22 जुलाई से ₹5,000 करोड़ का पब्लिक ऑफर-फॉर-सेल (Offer-for-Sale) लॉन्च करने जा रहा है। यह किसी प्राइवेट InvIT का पब्लिक लिस्टिंग में पहला कदम है, जिससे मौजूदा निवेशक अपने स्टेक बेच पाएंगे। इस 27 रोड एसेट्स वाले पोर्टफोलियो के लिए ट्रस्ट पहले ही अज़ीम प्रेमजी-बैक कंपनियों और बड़ी इंश्योरेंस कंपनियों सहित स्ट्रैटेजिक निवेशकों से ₹1,250 करोड़ जुटा चुका है।
₹5,000 करोड़ का IPO जल्द हो रहा है लॉन्च
Cube Highways Trust 22 जुलाई, 2026 को अपना ₹5,000 करोड़ का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लेकर आ रहा है। यह लिस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) के तौर पर होगी और इसका इश्यू 24 जुलाई तक खुला रहेगा। एक आम कंपनी के IPO के विपरीत, जहां पैसा कंपनी के विस्तार के लिए जाता है, यह पूरा ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि IPO से मिलने वाली राशि सीधे मौजूदा यूनिट होल्डर्स को जाएगी, न कि ट्रस्ट के पास।
स्ट्रैटेजिक निवेशकों से ₹1,250 करोड़ जुटाए
पब्लिक इश्यू शुरू होने से पहले, ट्रस्ट ने स्ट्रैटेजिक निवेशकों के एक समूह से ₹1,250 करोड़ सफलतापूर्वक जुटा लिए हैं। इसमें अज़ीम प्रेमजी द्वारा समर्थित Prazim Trading and Investment Company सबसे बड़ी निवेशक है, जिसने ₹950 करोड़ का निवेश किया है। इसके अलावा, HDFC Life Insurance Company, HDFC Pension Fund Management, Axis Max Life Insurance, और WhiteOak Capital जैसी फाइनेंशियल संस्थाओं ने मिलकर बाकी ₹300 करोड़ का योगदान दिया है। IPO से पहले इस निवेश से ट्रस्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट बेस पर संस्थागत विश्वास का संकेत मिलता है।
कौन बेच रहा है अपनी हिस्सेदारी?
इस OFS में मुख्य रूप से बड़े ग्लोबल और स्पॉन्सर एंटिटीज अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। British Columbia Investment Management Corporation से जुड़ी BCI IRR India Holdings लगभग ₹811.8 करोड़ की यूनिट्स बेच रही है। वहीं, अबू धाबी सरकार से जुड़े एक इन्वेस्टमेंट व्हीकल Seventy Second Investment Company की ₹542.1 करोड़ की यूनिट्स बिकेंगी। स्पॉन्सर ग्रुप, जिसमें Cube Highways and Infrastructure और Cube Mobility Investments शामिल हैं, सबसे बड़ा सेलर है और ₹3,646 करोड़ की यूनिट्स ऑफलोड करेगा।
यह ट्रस्ट भारत भर में 8,754 लेन किलोमीटर तक फैले 27 रोड एसेट्स का एक महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो मैनेज करता है। यह InvIT अप्रैल 2023 से ऑपरेशनल है और पिछले प्राइवेट प्लेसमेंट में ₹5,226 करोड़ जुटाने के बाद एक्सचेंजों पर लिस्टेड भी है। इस कदम का उद्देश्य इसके पब्लिक यूनिट होल्डर्स के बेस को और बढ़ाना है।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
इस ऑफर का मूल्यांकन करने वाले निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह एक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट है, जो मुख्य रूप से अपने रोड नेटवर्क से टोल कलेक्शन से उत्पन्न कैश फ्लो को यूनिट होल्डर्स को डिस्ट्रीब्यूट करने पर फोकस करता है। चूंकि IPO से जुटाई गई धनराशि नई सड़क परियोजनाओं के लिए पूंजी प्रदान नहीं करती है, इसलिए ट्रस्ट का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस मौजूदा 27 एसेट्स के ट्रैफिक वॉल्यूम, टोल रेट्स और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर निर्भर करेगा। निवेशकों को ट्रस्ट की डिस्ट्रीब्यूशन यील्ड, जो नियमित आय भुगतान को दर्शाती है, और रोड एसेट्स की शेष कंसेशन अवधि पर नजर रखनी चाहिए। 14 जुलाई, 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रस्ट की यूनिट्स ₹153.4 पर बंद हुई थीं। फाइनल अलॉटमेंट स्टेटस और ट्रेडिंग परफॉर्मेंस जैसी भविष्य की अपडेट्स पर नजर रखी जा सकती है।
