Andrew और Tristan Tate के प्रत्यर्पण मामले में कोर्ट के नए दस्तावेज़ों से खुलासा हुआ है कि सोशल मीडिया पर लग्जरी कारें और सुपरयाट दिखाते थे, वे असल में किराए पर ली हुई थीं, उनकी अपनी नहीं। इस खुलासे से उनके 'सेल्फ-मेड' अमीरी की छवि को बड़ा झटका लगा है। भाइयों पर टैक्स चोरी समेत 59 आरोप हैं।
कोर्ट में खुला राज़: क्या था किराए का?
Andrew और Tristan Tate के प्रत्यर्पण (extradition) मामले में दायर किए गए नए कोर्ट दस्तावेज़ों ने उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुलासा हुआ है कि सोशल मीडिया पर वे जिन आलीशान गाड़ियों, जैसे Bugatti और Aston Martin, और $50 मिलियन की सुपरयाट का दिखावा करते थे, वे असल में किराए की थीं।
'उबर-वेल्दी' की छवि एक बिज़नेस स्ट्रैटेजी?
बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि यह सब एक बिज़नेस स्ट्रैटेजी का हिस्सा था। भाइयों ने अपनी 'अमीर' दिखने वाली ऑनलाइन छवि के ज़रिए लोगों को अपने 'इनकम-जेनरेशन कोर्स' की ओर आकर्षित करने की कोशिश की। यह उनकी असल वित्तीय स्थिति का आईना नहीं था। सुपरयाट के मामले में तो वे उसे प्रमोट करने के लिए पैसे लेते थे।
कानूनी और व्यावसायिक चुनौतियाँ
इस खुलासे का असर उनके बिज़नेस मॉडल पर पड़ना तय है, जो कोचिंग और एजुकेशनल कंटेंट बेचने पर आधारित है। उनकी साख पर बट्टा लगा है, क्योंकि उनके सक्सेस सिंबल किराए के निकले।
इस बीच, भाइयों पर बलात्कार, मानव तस्करी और टैक्स चोरी जैसे गंभीर आरोप हैं। यूके के अधिकारियों ने टैक्स जांच से जुड़े करीब £21 मिलियन (लगभग ₹210 करोड़) की संपत्ति जब्त करने का आदेश भी दिया है। फिलहाल, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया उनके सामने सबसे बड़ी कानूनी चुनौती है, जो उनके बिज़नेस के भविष्य को तय करेगी।
