एग्री-बिजनेस दिग्गज Corteva ने अपने सीड और जेनेटिक्स डिवीजन को अलग कर Vylor Inc. के रूप में नई कंपनी बनाने का ऐलान किया है। हालांकि, कानूनी विवादों के चलते निवेशकों का भरोसा टूटा और स्टॉक में एक ही दिन में **83%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
एग्री-केमिकल क्षेत्र की बड़ी कंपनी Corteva ने 1 अक्टूबर, 2026 से अपने सीड और जेनेटिक्स डिवीजन को पूरी तरह से अलग कर दिया है। अब यह अलग हुई इकाई Vylor Inc. के नाम से एक स्वतंत्र पब्लिक कंपनी के रूप में काम करेगी। इस रीस्ट्रक्चरिंग के बाद, Corteva अब पूरी तरह से क्रॉप प्रोटेक्शन पर फोकस करने वाली कंपनी बन गई है, जिसका मुख्यालय इंडियानापोलिस में है।
कंपनी की नई रणनीति
कंपनी अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए $11 बिलियन के रिसर्च और डेवलपमेंट पाइपलाइन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसमें 12 नए एक्टिव इंग्रीडिएंट्स शामिल हैं, जो पर्यावरण और रेगुलेटरी मानकों के अनुरूप होंगे। कंपनी का अनुमान है कि इस बदलाव से उनके ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन में 250 बेसिस पॉइंट्स का विस्तार देखने को मिलेगा।
क्यों टूटा शेयर?
भले ही कंपनी भविष्य के लिए बड़े वादे कर रही हो, लेकिन मार्केट का रिएक्शन बेहद नकारात्मक रहा। कानूनी अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों में घबराहट है, जिसका असर यह हुआ कि शेयर एक ही सत्र में 83% गिर गया।
'PFAS' का साया
इस गिरावट के पीछे का सबसे बड़ा कारण है 'फॉरएवर केमिकल्स' या PFAS से जुड़ी कानूनी लड़ाई, जो DuPont से विरासत में मिली है। अमेरिका के लगभग 20 राज्यों और 9 शहरों के अटॉर्नी जनरल ने इस स्पिन-ऑफ को चुनौती दी थी। उनका आरोप है कि इस बंटवारे के बाद मूल कंपनी भविष्य में होने वाले नुकसान और क्लीनअप के खर्चों को उठाने में असमर्थ हो सकती है। फिलहाल, कानूनी लड़ाई जारी है और यही अनिश्चितता शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनी हुई है।
