दिल्ली के Connaught Place में चल रहे राजनीतिक प्रदर्शनों की वजह से दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। New Delhi Traders Association (NDTA) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
दिल्ली का कनॉट प्लेस, जो व्यापार का प्रमुख केंद्र है, इन दिनों Cockroach Janta Party (CJP) के विरोध प्रदर्शनों के चलते संकट में है। New Delhi Traders Association (NDTA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें दावा किया गया है कि हफ्तों से चल रहे प्रदर्शनों और प्रशासनिक पाबंदियों के कारण दुकानदारों और रेस्टोरेंट मालिकों का रेवेन्यू बुरी तरह गिर गया है।\n\n### भारी सुरक्षा और व्यापार पर असर\nकनॉट प्लेस में फुटफॉल में भारी गिरावट देखी गई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने 6,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 220 कंपनियां Central Armed Police Forces की तैनात की हैं। ITO, Sansad Marg और Patel Chowk जैसे प्रमुख जंक्शनों को बैरिकेडिंग के जरिए सील कर दिया गया है, और New Delhi Municipal Council ने Central Park को भी बंद कर दिया है, जिससे ग्राहकों का पहुंचना नामुमकिन हो गया है।\n\n### विवाद की जड़\nयह पूरा विरोध CJP द्वारा Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ है। पार्टी के संस्थापक Abhijeet Dipke का कहना है कि व्यापार में मंदी के लिए प्रशासन द्वारा इंटरनेट बंद करना और बुनियादी ढांचे को ठप करना जिम्मेदार है।\n\nफिलहाल, CJP के कई बड़े नेता ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं और व्यापारियों की नजरें अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं कि विरोध प्रदर्शन और व्यापारिक अधिकारों के बीच क्या संतुलन बनाया जाता है।
