उत्तर प्रदेश में चल रही वोटर लिस्ट की स्पेशल रिवीजन प्रक्रिया पर Congress ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने डेटा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) से पारदर्शी जांच की मांग की है।
उत्तर प्रदेश में चल रही वोटर रोल की 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया पर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के महासचिव जयराम रमेश का कहना है कि ये विसंगतियां केवल तकनीकी खामियां नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे गहरी साजिश हो सकती है, जो वोटर्स के प्रतिनिधित्व को प्रभावित कर सकती है।\n\n### पीलीभीत में बड़ा घालमेल का आरोप\nपार्टी ने 'फॉर्म 8' के गलत इस्तेमाल का मुद्दा उठाया है। कांग्रेस का आरोप है कि केवल पीलीभीत में ही 10,000 से अधिक रिकॉर्ड्स को बिना किसी जरूरी कागजी सबूत के बदल दिया गया। पार्टी का दावा है कि इन बदलावों से समाज के कुछ खास वर्गों को नुकसान पहुँचाया जा रहा है।\n\n### ECI से क्या है मांग?\nकांग्रेस ने अब चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ा दिया है। पार्टी की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:\n\n* पूरे डेटासेट को 'मशीन-रीडेबल' फॉर्मेट में सार्वजनिक किया जाए।\n* निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई है।\n\nफिलहाल इलेक्शन कमीशन ने इन आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत डेटा जारी नहीं किया है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीतिक हलचल को और तेज कर रहा है।
