Congress पार्टी ने आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली का ऐलान किया है। पार्टी का मुख्य मकसद मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar को हटाने की मांग करना है। इसके लिए 'Vote Bachao Desh Bachao' कैंपेन के जरिए INDIA गठबंधन को लामबंद किया जा रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व ने आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़े शक्ति प्रदर्शन की योजना बनाई है। पार्टी का सीधा निशाना चुनाव आयोग (Election Commission) के मौजूदा कामकाज पर है और वे मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। यह रैली पार्टी के चर्चित 'Vote Bachao Desh Bachao' अभियान का हिस्सा है, जिसके माध्यम से वे चुनावी डेटा और वोटर रजिस्ट्रेशन में कथित गड़बड़ियों को मुद्दा बना रहे हैं।
राजनीतिक लामबंदी और तैयारी
पार्टी के वरिष्ठ नेता KC Venugopal के नेतृत्व में अलग-अलग राज्यों की यूनिट्स को सक्रिय किया गया है। कांग्रेस इस मंच के जरिए INDIA गठबंधन के सभी सहयोगियों को एक साथ लाकर चुनाव आयोग पर पारदर्शिता और संस्थागत अखंडता को लेकर दबाव बनाना चाहती है।
मार्केट और निवेश पर असर
मार्केट एनालिस्ट और बड़े इन्वेस्टर्स दिल्ली में होने वाले ऐसे बड़े राजनीतिक आयोजनों पर बारीकी से नजर रखते हैं। बड़े पैमाने पर होने वाली रैलियों से मध्य दिल्ली में ट्रैफिक और लॉजिस्टिक्स में रुकावट आ सकती है, जिसका असर वहां के छोटे कमर्शियल ऑपरेशंस और रिटेल बिजनेस पर पड़ता है।
इसके अलावा, लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशक इस बात का भी आकलन करते हैं कि सरकार और विपक्षी दलों के बीच का तनाव बिजनेस एनवायरनमेंट में कितनी स्थिरता बनाए रखता है। फिलहाल, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बाजार के जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि रैली में भीड़ का स्तर क्या रहता है और सरकार या संवैधानिक संस्थाएं इसका क्या जवाब देती हैं।
