नतीजे दिखे मिले-जुले, मुनाफे पर लगी ग्रहण!
Coastal Corporation Limited ने 12 फरवरी 2026 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के अपने स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजे जारी किए हैं। इसके मुताबिक, कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के ₹148.39 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹178.43 करोड़ हो गया, जो 20.24% की शानदार बढ़ोतरी है।
लेकिन, रेवेन्यू की इस बढ़त का असर बॉटम लाइन यानी मुनाफे पर बिल्कुल नहीं दिखा। कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 37.45% गिरकर ₹3.99 करोड़ पर आ गया, और स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 31.64% की भारी गिरावट के साथ यह ₹3.16 करोड़ रह गया।
कंसॉलिडेटेड (Consolidated) नतीजों में, PBT 77.17% बढ़कर ₹7.41 करोड़ रहा, जबकि कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में 7.81% की मामूली बढ़ोतरी के साथ यह ₹308.14 करोड़ पर पहुंचा। हालांकि, कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 13.98% की गिरावट दर्ज की गई, जो ₹6.41 करोड़ से घटकर ₹55.13 करोड़ हो गया। (ध्यान दें: यहाँ ₹55.13 करोड़ पिछले साल के ₹6.41 करोड़ से काफी ज्यादा दिख रहा है, फिर भी रिपोर्ट में गिरावट बताई गई है। इस आंकड़े पर निवेशकों को और स्पष्टीकरण की जरूरत होगी।)
कंपनी ने कहा है कि स्टैंडअलोन रेवेन्यू में बढ़ोतरी मरीन प्रोडक्ट्स (Marine Products) और सोलर पावर (Solar Power) सेगमेंट के कारण हुई है। वहीं, सब्सिडियरी Coastal Biotech Private Limited द्वारा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को ग्रेन-बेस्ड इथेनॉल (Ethanol) की बिक्री शुरू करना एक नया डेवलपमेंट है, जिससे भविष्य में रेवेन्यू बढ़ सकता है।
ऑडिटर की लाल झंडी: कहां है बड़ा खतरा?
सबसे बड़ी चिंता ऑडिटर की रिपोर्ट से सामने आई है। ऑडिटर एक ₹25.00 करोड़ के इम्पयरमेंट लॉस (Impairment Loss - संपत्ति के मूल्य में बड़ी गिरावट का नुकसान) पर "राय देने में असमर्थ" हैं, जो कंपनी के एक विदेशी सब्सिडियरी (Seacrest Seafoods Inc.) में निवेश से जुड़ा है। कंपनी का बोर्ड भले ही इसे कोई नुकसान न माने, लेकिन ऑडिटर की यह असमर्थता संभावित रूप से संपत्ति के ओवरवैल्यूएशन (overvaluation) या सब्सिडियरी के अंदरूनी बड़े मुद्दों का संकेत देती है, जिनका खुलासा ठीक से नहीं हो रहा है।
इसके अलावा, एक अन्य विदेशी सब्सिडियरी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स (Financial Statements) का ऑडिट खुद ऑडिटर द्वारा नहीं किया गया था, बल्कि वे केवल मैनेजमेंट द्वारा प्रमाणित स्टेटमेंट्स पर आधारित थे। मैनेजमेंट ने भले ही इन्हें ग्रुप के लिए मैटेरियल (material) न माना हो, लेकिन विदेशी ऑपरेशंस के लिए मैनेजमेंट पर निर्भरता कंपनी के इंटरनल कंट्रोल (internal control) और ट्रांसपेरेंसी (transparency) पर सवाल खड़े करती है।
कंपनी ने यह भी कन्फर्म किया है कि अगस्त 2022 में ₹42.40 करोड़ के राइट्स इश्यू (Rights Issue) से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल सही जगह पर हुआ है, जो सब्सिडियरीज़, इश्यू एक्सपेंस और कॉर्पोरेट पर्पस में लगाया गया।
आगे क्या?
निवेशक अब Coastal Corporation से यह उम्मीद करेंगे कि वे ऑडिटर की चिंताओं, खासकर Seacrest Seafoods Inc. के वैल्यूएशन (valuation) और गवर्नेंस को लेकर उठाए गए सवालों पर कैसे जवाब देते हैं। साथ ही, नए इथेनॉल बिजनेस की सफलता भी आने वाले समय में देखने लायक होगी।
