Chrome Silicon के लिए एक और मुश्किल तिमाही
Chrome Silicon Ltd. ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं, जो उम्मीदों से कहीं ज्यादा खराब हैं। कंपनी ने इस तिमाही में ₹5.34 करोड़ की कुल इनकम दर्ज की, जबकि इसी दौरान ₹2.13 करोड़ का भारी नेट लॉस (Net Loss) हुआ। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले कंपनी की कुल इनकम में 77.32% की बड़ी गिरावट दर्शाता है।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई नौ महीने की अवधि में भी कंपनी को ₹7.27 करोड़ का नेट लॉस हुआ है।
क्यों बंद हैं कंपनी के दरवाजे?
इस खराब प्रदर्शन की जड़ें कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस (Manufacturing Operations) में हैं, जो 30 मई 2025 से बाजार में जारी अस्थिरता (Market Volatility) के कारण पूरी तरह बंद हैं। फेरो अलॉयज (Ferro Alloys) के प्रोडक्शन में लगी कंपनी के लिए यह बंदी सीधे तौर पर रेवेन्यू (Revenue) को प्रभावित कर रही है। कंपनी एक कमेटी बनाकर ऑपरेशंस को फिर से शुरू करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है।
ऑडिटर की 'रेड फ्लैग्स' (Red Flags)
नतीजों की चिंताजनक स्थिति के बीच, कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditors) ने फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स की विश्वसनीयता पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे कंपनी की वित्तीय सेहत पर और भी अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। ऑडिटर ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे उठाए हैं:
- इन्वेंट्री (Inventories) और प्रॉपर्टी, प्लांट और इक्विपमेंट (Property, Plant, and Equipment - PPE) का कोई फिजिकल वेरिफिकेशन (Physical Verification) नहीं किया गया है।
- कंपनी की देनदारियों (Liabilities), जैसे ट्रेड पेयबल्स (Trade Payables) यानी ₹9.38 करोड़ और अन्य देनदारियों (Other Liabilities) यानी ₹9.19 करोड़, के बैलेंस की पुष्टि नहीं हो पाई है।
- ₹6.93 करोड़ के ब्याज-मुक्त लोन और एडवांसेज (Interest-free loans and advances) की रिकवरी को लेकर स्पष्टता नहीं है।
- कर्मचारी लाभ प्रावधानों (Employee Benefit Provisions) के संबंध में Ind AS 19 का पालन नहीं किया गया है।
ऐतिहासिक परिदृश्य
Chrome Silicon Limited, जिसे पहले VBC Ferro Alloys Limited के नाम से जाना जाता था, 1980 से फेरो अलॉयज के निर्माण में सक्रिय है। कंपनी का पिछला फाइनेंशियल ईयर मार्च 2025 को ₹85.94 करोड़ के बड़े नेट लॉस के साथ समाप्त हुआ था, जिसमें कुल खर्च ₹162 करोड़ से अधिक था। इन लगातार घाटे और ऑडिट संबंधी चिंताओं के बीच, निवेशकों की नजरें अब मैनेजमेंट की अगली चाल पर टिकी हैं।