तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई में मानसून की तैयारियों और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को 30 सितंबर, 2026 तक पूरा करने का फरमान जारी किया है। Greater Chennai Corporation ने इसके लिए **₹100 करोड़** का बजट आवंटित किया है, हालांकि प्रोजेक्ट की गति पर लिक्विडिटी और सरकारी विभागों के बीच तालमेल का दबाव बना रहेगा।
तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई में बाढ़ से बचाव और मानसून की तैयारियों के लिए 30 सितंबर, 2026 की अंतिम तारीख तय कर दी है। मुख्य सचिव एम. साई कुमार ने सभी संबंधित सिविक बॉडीज को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि शहर को मानसून के दौरान होने वाली बड़ी दिक्कतों से बचाया जा सके।
फंड और प्रोजेक्ट की रूपरेखा
Greater Chennai Corporation (GCC) ने इस काम के लिए ₹100 करोड़ आवंटित किए हैं। इस बजट का इस्तेमाल 1,671 किलोमीटर लंबी स्टॉर्म वॉटर ड्रेन की सफाई और 1.1 लाख से ज्यादा सिल्ट कैच पिट्स को साफ करने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, वेलाचेरी, अंबत्तूर, तिरुवोट्टियुर और मनाली जैसे संवेदनशील इलाकों में इमरजेंसी इक्विपमेंट भी लगाए जाएंगे। यह काम 'चेन्नई-कोसस्थलियार बेसिन' के बड़े फ्लड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर से जुड़े निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय है। हालांकि फंड उपलब्ध है, लेकिन नगरपालिका की लिक्विडिटी की समस्या ठेकेदारों के पेमेंट में देरी का कारण बन सकती है। इसके अलावा, वॉटर रिसोर्स डिपार्टमेंट, चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) और हाईवे डिपार्टमेंट के बीच बेहतर तालमेल न होने पर प्रोजेक्ट में देरी की संभावना बनी रहती है। खासतौर पर जहां मेट्रो का काम चल रहा है, वहां साइट क्लियरेंस में देरी से काम अटक सकता है। निवेशकों के लिए सरकार की पेमेंट क्षमता और विभागों के बीच तालमेल पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
