Chandni Machines Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने स्टैंडअलोन अनऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने ऑपरेशन्स से रेवेन्यू (Revenue from Operations) में पिछले साल की तुलना में 86.21% की जोरदार बढ़त दर्ज की, जो ₹4,822.86 लाख तक पहुंच गया। वहीं, अन्य आय (Other Income) में भी पिछली तिमाही (QoQ) के मुकाबले 212.39% का उछाल देखा गया, जो ₹240.86 लाख रहा।
📉 हिसाब-किताब में बड़ा गोलमाल?
हालांकि, इन शानदार नंबरों के बीच, जारी किए गए वित्तीय विवरणों में कई ऐसी विसंगतियां हैं जो निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई हैं।
- कंपनी द्वारा रिपोर्ट की गई कुल आय (Total Income) ₹4,820.85 लाख है, जो पिछले साल की तुलना में 64.46% अधिक है। लेकिन, यह आंकड़ा 'ऑपरेशन्स से रेवेन्यू' (₹4,822.86 लाख) और 'अन्य आय' (₹240.86 लाख) के कुल योग (₹5,063.72 लाख) से मेल नहीं खाता।
- कंपनी का कुल खर्च (Total Expenses) पिछले साल के मुकाबले 14.59% घटकर ₹58.30 लाख रहा।
- इसके बावजूद, रिपोर्ट किया गया प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹182.57 लाख बताया गया है, जिसमें पिछली तिमाही (QoQ) के मुकाबले 1762.21% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह PBT आंकड़ा, बताई गई 'कुल आय' और 'कुल खर्च' से बिलकुल भी निकलने योग्य नहीं है। यदि 'कुल आय' (₹4,820.85 लाख) में से 'कुल खर्च' (₹58.30 लाख) घटाया जाए, तो PBT सैद्धांतिक रूप से ₹4,762.55 लाख होना चाहिए, जो कि घोषित ₹182.57 लाख से बहुत अलग है।
- परिणामस्वरूप, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹185.07 लाख दर्ज किया गया है, जिसमें पिछली तिमाही (QoQ) के मुकाबले 4999.17% की जबरदस्त छलांग है।
- अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹5.73 बताया गया है, जिसमें पिछली तिमाही (QoQ) के मुकाबले 5109.09% का बड़ा इजाफा हुआ है।
⚠️ निवेशकों के लिए बड़े जोखिम और गवर्नेंस पर सवाल
सबसे गंभीर मुद्दा वित्तीय नतीजों में स्पष्ट रूप से गलत बयानी या गणना की त्रुटि का होना है। रिपोर्ट किए गए रेवेन्यू घटकों और कुल आय के बीच विसंगति, और सबसे महत्वपूर्ण बात, PBT के ऐसे आंकड़े जिनका कोई स्पष्टीकरण नहीं है, यह गंभीर वित्तीय रिपोर्टिंग और आंतरिक नियंत्रण में बड़ी चूक का संकेत देते हैं। ऐसे विसंगतियां निवेशकों के भरोसे को बुरी तरह से तोड़ सकती हैं, संभावित नियामक जांच को जन्म दे सकती हैं, और स्टॉक के वैल्यूएशन और लिक्विडिटी पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कंपनी द्वारा इन विसंगतियों को स्पष्ट और ठीक किए जाने तक अत्यधिक सावधानी बरतें।
