चंडीगढ़ प्रशासन ने ड्रग्स के खिलाफ एक बड़े अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत फार्मेसी स्टोर्स की सख्त निगरानी, घर-घर सर्वे और तीन नई हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जिससे लोकल मेडिकल रिटेल सेक्टर में सख्ती बढ़ना तय है।
फार्मा स्टोर्स पर बढ़ेगी सख्ती
प्रशासन की इस मुहिम के केंद्र में हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से फार्मेसी स्टोर्स की मॉनिटरिंग है। एडमिनिस्ट्रेटर गुलाब चंद कटारिया के नेतृत्व में प्रशासन अब मेडिकल स्टोर्स के सख्त ऑडिट कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी दवा बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन (Prescription) के न बिके। रिटेल ड्रग स्टोर्स के लिए इसका सीधा मतलब है—रेगुलेटरी कंप्लायंस का बोझ बढ़ना। किसी भी तरह की कागजी कमी या नियमों में ढिलाई पाए जाने पर लाइसेंस सस्पेंशन, भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का रिस्क बना हुआ है।
प्रशासन का एक्शन प्लान
फार्मेसी मॉनिटरिंग के अलावा, प्रशासन ने घर-घर जाकर सर्वे करने का भी निर्णय लिया है, ताकि प्रभावित परिवारों को रिहैबिलिटेशन (Rehabilitation) सपोर्ट मिल सके। वहीं, पुलिस ने अब तक 130 FIR दर्ज कर 133 लोगों की गिरफ्तारी की है और 359 लोगों को डिटेन किया गया है।
खुफिया जानकारी जुटाने के लिए सरकार ने तीन हेल्पलाइन नंबर—8283040100, 0172-2677037 और 1933 लॉन्च किए हैं। पुलिस का फोकस अब इंटेलिजेंस-लेड पुलिसिंग पर है, ताकि ड्रग सप्लाई चेन को पूरी तरह से तोड़ा जा सके। भविष्य में इन नियमों की कड़ाई से ही तय होगा कि चंडीगढ़ के मेडिकल रिटेल कारोबार की राह कितनी आसान या कठिन रहने वाली है।
