Chalet Hotels अब अपने बिज़नेस में बदलाव कर रही है। कंपनी एसेट-ओन्ड मॉडल से हटकर हाइब्रिड मॉडल अपना रही है ताकि FY30 तक अपने पोर्टफोलियो को **5,500** कीज तक पहुँचाया जा सके।
बिज़नेस मॉडल में बड़ा बदलाव
Chalet Hotels ने अपनी विकास यात्रा को रफ्तार देने के लिए पुराने एसेट-हैवी मॉडल को अलविदा कहना शुरू कर दिया है। अब कंपनी ओनरशिप के साथ-साथ थर्ड-पार्टी मैनेजमेंट और फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट्स पर फोकस कर रही है। वर्तमान में कंपनी 3,389 कीज मैनेज कर रही है और पाइपलाइन में लगभग 2,300 नई यूनिट्स हैं।
नई ब्रांडिंग और विस्तार
कंपनी ने 2025 में अपने प्रोप्रायटरी ब्रांड 'Athiva' को लॉन्च किया था, जो इस विस्तार का मुख्य हिस्सा है। नवी मुंबई में 'Athiva Pulse' और पुणे व हैदराबाद में नए प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनी ने Mindspace REIT के साथ लीज मॉडल का सहारा लिया है। इस रणनीति का फायदा यह है कि कंपनी को जमीन खरीदने या भारी निर्माण लागत में निवेश नहीं करना पड़ रहा है।
डेट और फाइनेंशियल चुनौती
निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता डेट (कर्ज) को लेकर रहती है। कंपनी का कहना है कि वे इस विस्तार के लिए भारी नया कर्ज लेने के बजाय इंटरनल एक्रुअल्स का उपयोग करेंगे। फिलहाल, कंपनी का डेट-टू-EBITDA रेशियो करीब 1.99x है। मैनेजमेंट इसे सुरक्षित मानता है, लेकिन हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के साइक्लिकल स्वभाव को देखते हुए मार्केट के जानकारों की नजर कंपनी के मार्जिन और प्रोजेक्ट्स के कमीशनिंग पर बनी रहेगी।
आगे की राह
आने वाले समय में दिल्ली एयरपोर्ट पर 380 कमरों वाली Taj प्रॉपर्टी का खुलना कंपनी के लिए एक अहम माइलस्टोन साबित होगा। हाइब्रिड मॉडल में शिफ्ट होने से कैपिटल एफिशिएंसी तो बढ़ सकती है, लेकिन इसके लिए ऑपरेशनल स्किल्स और ब्रांड वैल्यू को लगातार मजबूत रखना होगा। साथ ही, रियल एस्टेट सेगमेंट से मिलने वाली कमाई में उतार-चढ़ाव होने के कारण निवेशकों को कंसोलिडेटेड नतीजों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
