Chalet Hotels ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **40%** बढ़कर **₹216.2 करोड़** हो गया है, जबकि रेवेन्यू में **31.7%** की कमी दर्ज की गई है।
मुनाफे के पीछे का सच
कंपनी के नतीजों में मुनाफा बढ़ने के पीछे मुख्य वजह ऑपरेशनल इनकम नहीं, बल्कि डेफर्ड टैक्स क्रेडिट (deferred tax credit) है। कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर 39.7% का इजाफा दर्ज करते हुए ₹216.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है।
रेवेन्यू में सुस्ती की असल वजह
रिपोर्टेड रेवेन्यू में 31.7% की गिरावट आई है और यह ₹501.9 करोड़ पर आ गया है। इसके पीछे मुख्य कारण पिछले साल की तुलना में रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स से होने वाली कमाई का न होना है। हालांकि, अगर कोर हॉस्पिटैलिटी बिजनेस को देखें, तो वहां स्थिति काफी मजबूत है। होटल बिजनेस से होने वाली कमाई 11% बढ़कर ₹511 करोड़ रही है।
ऑपरेशन्स में मजबूती
कंपनी का कोर हॉस्पिटैलिटी EBITDA 13% बढ़ा है और मार्जिन 44.5% पर पहुंच गया है। इसमें 110 बेसिस पॉइंट्स का सुधार यह दिखाता है कि कंपनी खर्चों को बेहतर ढंग से मैनेज कर रही है। लीजर प्रॉपर्टीज के मामले में, रेवेन्यू पर उपलब्ध कमरा (RevPAR) 34% बढ़ा है, जिसका फायदा कंपनी को ऑक्यूपेंसी और रूम रेंट में बढ़ोतरी से मिला है।
भविष्य की चुनौतियां और प्रोजेक्ट्स
कंपनी अब अपने विस्तार पर काम कर रही है, जिसमें Taj Delhi International Airport, CIGNUS II (पवई), और ATHIVA Pulse (नवी मुंबई) जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
निवेशकों को इन बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- प्रोजेक्ट टाइमलाइन: नए प्रोजेक्ट्स के पूरे होने में देरी या लागत न बढ़े, इसका ध्यान रखना जरूरी है।
- रेजिडेंशियल बिजनेस: इसकी अनिश्चितता तिमाही दर तिमाही रेवेन्यू में उतार-चढ़ाव लाती है।
- प्रमोटर प्लेज: हालिया आंकड़ों के मुताबिक, प्रमोटर प्लेज लेवल 31.9% है। गवर्नेंस और बैलेंस शीट की सेहत के नजरिए से निवेशक इसे गंभीरता से ट्रैक करते हैं।
